क्षेत्रीय भाषाओं की प्रतिद्वंदी नहीं, मित्र है हिंदी, इसके बिना राष्ट्र गूंगा: गृह मंत्री
सूरत। आज हिंदी दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, हिंदी किसी भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं है, बल्कि यह तो क्षेत्रीय भाषा-स्वभाषा की मित्र है। शाह ने कहा कि, खुद महात्मा गांधी ने हमारे देश को हिंदी के बिना गूंगा माना। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक शिक्षा में राष्ट्रीय भाषा हिंदी को मातृभाषा के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा के सभी क्षेत्रों में न केवल प्राथमिक बल्कि आने वाले दिनों में शिक्षा के सभी क्षेत्रों में हिंदी भाषा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। शाह ने कहा कि, हिंदी को राज्यों में राजभाषा के रूप में बढ़ावा मिलना चाहिए।

'हिंदी किसी भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं'
बता दें कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सूरत में आयोजित व्दितीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोल रहे थे। शाह बोले कि, जब आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारा देश अगले 25 वर्षों में किसी भी भाषा के अल्पमत में न रहे।' उन्होंने वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए हिंदी को राजभाषा के रूप में वरीयता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा और राजभाषा के रूप में उपयोग करने पर जोर दिया है।' उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में राजभाषा हिंदी में मेडिकल सहित इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे, जिसका छात्रों को सीधा लाभ होगा।'

देश-दुनिया की 70 से ज्यादा भाषाओं में हिंदी की वर्णमाला
अमित शाह ने देश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि समय आ गया है कि हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार करने के साथ ही युवाओं में हिंदी के प्रति हीन भावना को भी दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि, आज देश और दुनिया की 70 से अधिक भाषाओं ने हिंदी वर्णमाला को अपनाया है। हिंदी, जो कि देश की राजभाषा है, यह किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा की प्रतिद्वन्दी नहीं बल्कि सहयोगी है।'
शाह ने कहा कि, आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही की भाषा को स्थानीयकृत करने की दिशा में निर्णय लिया जाएगा।'
हिन्दी भाषा के संबंध में अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि, मैं हिंदी को राजभाषा के रूप में बढ़ावा देने की अपील कर रहा हूं।

सूरत में राजभाषा सम्मेलन
हिंदी दिवस के मौके पर, सूरत के इन्डोर स्टेडियम में हिंदी दिवस समारोह-2022 एवं द्वितीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का संयुक्त आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही थे।












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