फिल्म पुष्पा के तर्ज पर भारी मात्रा मे अवैध शराब की तस्करी, हरियाणा से यूपी के रास्ते जाती थी बिहार
पिछले साल रिलीज हुई अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा: द राइज' को दर्शकों का खूब प्यार मिला। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के वो झंडे गाड़े, जिसके बारे में शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। साउथ सुपरस्टार अल्लु अर्जुन को फिल्म 'पुष्पा' में जिस तरह से चंदन की तस्करी करते हुए दिखाया गया है, उसको दर्शकों ने तो पसंद किया ही है लेकिन कुछ रियल लाइफ तस्कर भी इन तरीको को इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। जिस तरह पुष्पा फिल्म में नायक अलग-अलग तरीकों से तस्करी करता नजर आता है, कुछ वैसे ही तरीके से उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुल्तानपुर में एक गिरोह को वॉल्वो बस से भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी करते हुए पकड़ा है।

वॉल्वो बस में नकली नंबर प्लेट
दरअसल, यूपी के सुल्तानपुर में मंगलवार को प्रयागराज STF और कूरेभार पुलिस ने 15 लाख कीमत की 78 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब पकड़ी थी। ये शराब वॉल्वो बस से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तस्कर वॉल्वो बस की नंबर प्लेट चेंज कर के यूपी-बिहार बॉर्डर पार करते थे। यही नहीं पुलिस को झांसा देने के लिए यह यात्री भी बिठा लेते थे। जिससे पुलिस को ज्यादा शक न हो। और तो और हर बार अलग-अलग रूट से बस को लेकर जाते थे ताकि मुकबरी होने पर भी वह सुरक्षित रहें। अपराधियों की इतनी बारीक प्लानिंग को सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। स्थानीय लोगों ने इन तस्करो की तुलना फिल्म पुष्पा के नायक अल्लू अर्जुन से कर डाली।

हरियाणा के रोहत का गिरोह
बिहार में शराबबंदी लागु है। ऐसे में यहां के शराब माफियाओं ने प्रदेश में अवैध रूप से शराब बेचने का गोरखधंधा शुरू किया हुआ है। इसका खुलासा सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार थानाक्षेत्र के मुजेश टोल प्लाजा पर पकड़ी गई शराब की खेप के बाद हुआ। आधा दर्जन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हरियाणा के रोहत में रहने वाले प्रदीप और ललित का अंग्रेजी शराब तस्करी का गिरोह है। पुलिस के हत्थे चढ़े अन्य आरोपी भी इसी गिरोह के सदस्य हैं। ये सभी विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब देश के विभिन्न प्रांतों में खासकर उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार पहुंचाता था। प्रदीप व ललित तेवतिया रोहतक हरियाणा से लेकर मुजफ्फरनगर और बिहार में ऊंचे दामों में बेचने के लिए स्थानीय तस्करों से संपर्क कर शराब पहुंचाते थे। कई बार पकड़े जाने पर आरोपियों ने तरीका बदलकर यात्री बस में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बस को एक अन्य चार पहिया वाहन की निगरानी में भेजना शुरू कर दिया था।

जालसाजी आदि धाराओं में दर्ज हुआ केस
फिलहाल शराब तस्करों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी के साथ ही आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। बस को सीज कर पुलिस ने उसके चालक मोहम्मद असद निवासी सेक्टर 49, नोएडा, परिचालक गणेश प्रजापति निवासी संभल, प्रिंस कुमार सिंह निवासी गोपालगंज बिहार, अर्जुन महतो निवासी दरभंगा बिहार, संतोष चौधरी निवासी मधुबनी बिहार, अभिषेक पांडेय निवासी सिवान बिहार को गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप और ललित तेवतिया नाम के तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए हैं।












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