क्या हुआ जब जज ने टीचर से कहा गाय पर निबंध लिखो...
श्रीनगर। शिक्षकों पर बच्चों का भवष्य संवारने की अहम जिम्मेदारी होती है। उन बच्चों का भविष्य जो आगे चलकर देश का भविष्य निर्माण करेंगे, लेकिन अब शिक्षक ही अशिक्षित हो तो बच्चों का भविष्य कैसे बन पाएगा। जी हां देश में शिक्षा के गिरते स्तर का एक और नमूना जम्मू कश्मीर में देखने को मिला। जहां एक टीचर ही बेहद आसान सी परीक्षा में पास नहीं कर पाएं।

कोर्ट ने जब शिक्षक की परीक्षा ली तो उसकी असलियत सबके सामने आ गई। दरअसल जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने एक टीचर की काबिलियत परखने के लिए उसकी परीक्षा ली, लेकिन इसके बाद जो सच सामने आया वो शर्मसार कर देने वाला था। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि वह शिक्षा क्षेत्र की खामियों को दूर करने के लिए कदम उठाए।
दक्षिण कश्मीर के एक शिक्षक मोहम्मद इमरान खान को अध्यापक नियुक्त किए जाने को लेकर याचिका दायर की गई थी। कोर्ट में इसी याचिका पर सुनवाई हो रही थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि इमरान खान को उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दिल्ली और नागालैंड की ग्लोबल ओपर यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र फर्जी है।
इस आरोपों पर सुनवाई के दौरान जज ने शिक्षक को उर्दू में ‘गाय' पर निबंध लिखने को कहा, लेकिन शिक्षक ऐसा नहीं कर पाया। उसने कोर्ट के कक्ष के बाहर निबंध लिखने की अनुमति मांगी जो उसे दे दी गई। इसके बावजूद वह फेल हो गया।
फिर कोर्ट ने उसे चौथी कक्षा का सवाल हल करने को कहा, लेकिन वह एक बार फिर फेल हो गया। जिसके बाद कोर्ट ने साफ कर दिया कि उनकी डिग्रियां फर्जी है। कोर्ट ने शिक्षा सचिव और आयुक्त को भी एक पैनल गठित करने का निर्देश दिया जो शिक्षकों की परीक्षाएं लेकर तय करेगा कि वो छात्रों के पढाने के काबिल हैं या नहीं।












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