आतंकी बिट्टा कराटे के खिलाफ कोर्ट पहुंचा सतीश टिक्कू का परिवार, सुनवाई में कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार
नई दिल्ली, 30 मार्च। कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और उनके ऊपर हुए अत्याचार पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स लगातार चर्चा में है। फिल्म में सतीश कुमार टिक्कू और उनके परिवार पर किस तरह से अत्याचार किया गया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया, उसे दिखाया गया है। तकरीबन 32 साल पहले हुई इस घटना के बाद एक बार फिर से यह मामला कोर्ट पहुंच गया है। सतीश कुमार टिक्कू के परिवार की ओर से एडवोकेट उत्सव पैंस श्रीनगर सेशल कोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की है। यह याचिका आतंकी बिट्टा कराटे के खिलाफ सभी एफआईआर की स्टेटस रिपोर्ट को लेकर दर्ज की गई है।

मामले की सुनवाई के बाद उत्सव बैंस ने बताया कि आज इस मामले में कोर्ट में पहली सुनवाई थी, कोर्ट ने मामले की सुनवाई सकारात्मक तरीके से की, साथ ही पिछले 31 साल में प्रदेश सरकार ने क्या किया इसको लेकर जम्मू कश्मीर सरकार को फटकार भी लगाई। अभी तक बिट्टा कराटे के खिलाफ कोई चार्जशीट क्यों फाइल नहीं की गई। इस मामले में अब उम्मीद की किरण नजर आ रही है। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को है।
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उत्सव बैंस और एक्टिविस्ट विकास रैना ने कोर्ट में यह याचिका दायर की है, इस मामले पर कोर्ट में आज सुनवाई हुई। गौर करने वाली बात है कि बिट्टा कराटे ने काफी साल तक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की अगुवाई की थी। एक बार फिर से वह तब चर्चा में आया जब द कश्मीर फाइल्स फिल्म में उसके दुर्दांत रूप को दिखाया गया। उसने कैमरे के सामने यह स्वीकार किया था कि उसने कश्मीरी पंडितों की हत्या की थी। जब उससे पूछा गया कि क्या आपसे अगर अपनी मां को या बहन को मारने को कहा जाएगा तो आप मार देंगे तो बिट्टा कराटे कहता है हां मार दूंगा।
गौर करने वाली बात है कि तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूपिया के अपहरण के बाद दुर्दांत आतंकियों को रिहा किया गया, जिसके बाद घाटी में बिट्टा कराटे ने जून 1990 तक कश्मीरी पंडितों की हत्याएं की। पूछताछ में कराटे ने बताया था कि उसे स्थानीय प्रशासन ने काफी प्रताड़ित किया था, जिसकी वजह से उसने यह रास्ता अपनाया था। कराटे ने खुद कहा था कि उसने 20 से अधिक कश्मीरी पंडितों की हत्या की, हो सकता है कि यह संख्या 30-40 भी हो सकती है।












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