कौन हैं संजय सिंह, क्यों किए गए निलंबित, क्या बृजभूषण शरण सिंह के करीबी होने की वजह से हुए सस्पेंड?
भारतीय कुश्ती संघ का हाल ही में चुनाव हुआ था। जिसमें संजय सिंह बबलू और पहलवान रह चुकीं अनीता श्योराण अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे। अनीता श्योराण चुनाव हार गईं और संजय सिंह को डब्लूएफआई का नया अध्यक्ष बनाया गया।
संजय डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। उनके अध्यक्ष बनने के बाद पहलवान विरोध करने लग गए। पहलवान साक्षी मलिक ने पहलवानी छोड़ दी तो बजरंग पूनिया ने पद्मश्री लौटा दिया।

जिसके बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की नवनिर्वाचित संस्था को निलंबित कर दिया है। इसके अध्यक्ष चुने गए संजय सिंह का निर्वाचन भी रद्द कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि संजय सिंह बबलू कौन हैं और उनका निर्वाचन रद्द होने के पीछे क्या कारण है? क्या बृजभूषण शरण का करीबी होना उनके ऊपर महंगा पड़ा है?
कौन हैं संजय सिंह बबलू?
संजय सिंह बबलू 2008 से वाराणसी कुश्ती संघ के जिला अध्यक्ष थे। 2009 में उनका चयन प्रदेश कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष के रूप में हुआ था। जसिके बाद साल 2023 में हुए भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव में वो अध्यक्ष चुने गए।
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संजय सिंह डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। 21 दिसंबर 2023 को हुए भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में संजय कुमार सिंह का मुकाबला कॉमन वेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीत चुकी अनीता श्योराण से था। अनीता महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ गवाह भी हैं।
अनीता को संजय ने 33 वोट से हराया था
अनीता को बृजभूषण के खिलाफ धरना देने वाले पहलवानों का समर्थन प्राप्त था। अध्यक्ष पद के चुनाव में संजय सिंह ने अनीता को 33 वोटों से हराया। संजय सिंह को 40 वोट मिले, जबकि अनीता श्योराण को केवल 7 वोट मिले थे।
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अध्यक्ष चुने जाते ही पहलवानों के विरोध प्रदर्शन पर किया था तंज
अध्यक्ष चुने जाने के बाद संजय सिंह ने कहा था, "अब कैंप (कुश्ती के लिए) आयोजित किए जाएंगे...जिनको कुश्ती करनी है वो कुश्ती कर रहे हैं, जो राजनीति करना चाहते हैं वे राजनीति करें..." संजय सिंह का इशारा बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर महिला खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़े विवाद की ओर था।
अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद अंडर 15 और अंडर 20 नेशनल प्रतियोगिता का किया ऐलान
संजय सिंह ने डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष चुने जाने के तुरंत बाद अंडर 15 और अंडर 20 नेशनल प्रतियोगिता का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि ये कम्पटीशन गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित किए जाएंगे। जिसके बाद डब्ल्यूएफआई के नवनिर्वाचित संघ को केंद्रीय खेल मंत्रालय ने निलंबित कर दिया।
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नवनिर्वाचित संघ को निलंबित करते हुए केंद्र ने कहा था 'नियमों का पालन नहीं हुआ'
केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया कि यह ऐलान जल्दबाजी में किया गया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहलवानों को पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया। भारतीय कुश्ती संघ के संविधान के नियमों का पालन नहीं किया गया है।
आपको बता दें, संजय सिंह के इस फैसले पर साक्षी मलिक समेत कई महिला पहलवानों ने सवाल खड़े किए थे। खेल मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि कुश्ती संघ में अब अगले आदेशों तक कोई भी फैसला नहीं ले सकेगा।
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