सानिया मिर्जा की तरह देश को सम्मान दिलाने वाले खिलाड़ी ने किया संन्यास का ऐलान, कही दिल की बात
भारतीय टेबल टेनिस के एक प्रमुख खिलाड़ी अचंता शरत कमल ने संन्यास की घोषणा कर दी है। वह इस महीने के अंत में चेन्नई में होने वाले वर्ल्ड टेबल टेनिस (WTT) स्टार कंटेंडर इवेंट में भाग लेने के बाद खेल को अलविदा कह देंगे। 42 वर्षीय कमल भारत के लिए एक प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है।
शरत के करियर में मेडल का एक प्रभावशाली कलेक्शन है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में सात गोल्ड, तीन सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल 2004 में राष्ट्रमंडल टीटी चैंपियनशिप में आया था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों में दो ब्रॉन्ज मेडल और एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में चार मेडल जीते हैं।

उपलब्धियां और रैंकिंग
अपने शानदार करियर में शरत ने 2003 में अपना पहला खिताब जीतने के बाद रिकॉर्ड तोड़ दस राष्ट्रीय खिताब हासिल किए। 42 साल की उम्र के बावजूद वह वैश्विक स्तर पर भारत के टॉप रैंक वाले पुरुष खिलाड़ी बने हुए हैं। लेटेस्ट WTT रैंकिंग के अनुसार, वह 42वें स्थान पर हैं, जो मानव ठक्कर से काफी आगे हैं, जो 60वें स्थान पर हैं।
शरत की यात्रा चेन्नई में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से शुरू हुई। उनका अंतिम प्रदर्शन भी उनके गृहनगर में होगा। यह इवेंट खास होगा क्योंकि उनके परिवार और करीबी दोस्त इसमें शामिल होने की योजना बना रहे हैं।
भारतीय टेबल टेनिस में शरत का योगदान मेडल से कहीं आगे तक फैला हुआ है। पांच ओलंपिक खेलों में उनकी भागीदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके समर्पण और कौशल को दर्शाती है। उनकी उपलब्धियों ने देश भर के कई युवा खिलाड़ियों को पेशेवर रूप से टेबल टेनिस खेलने के लिए प्रेरित किया है।
शरत ने संन्यास लेने के अपने फैसले पर चर्चा करते हुए कहा कि, 'मैंने हमेशा अपने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता उनके पूरे करियर में अटूट रही है। आगामी WTT स्टार कंटेंडर इवेंट भारतीय टेबल टेनिस के लिए एक युग का अंत होगा क्योंकि शरत कमल प्रतिस्पर्धी खेल से दूर हो गए हैं। उनकी विरासत भारत में एथलीटों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
जिस तरह से शरत ने पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधत्व किया उसी तरह भारत की पूर्व टेनिस स्टार सानिया मिर्जा चार बार की ओलंपियन हैं। सानिया छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन और महिला डबल्स रैंकिंग में नंबर-1 पर रह चुकी हैं।
सानिया ने भारतीय टेनिस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रियो 2016 ओलंपिक में था। इस मुकाबले में वह सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रहीं। उनके नाम 43 WTA डबल्स खिताब भी हैं, जो उनके शानदार करियर को साबित करते हैं।












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