सानिया मिर्जा की जिंदगी का सबसे बुरा दिन कौन सा था? उठाया सबसे बड़े राज से पर्दा
Sania Mirza latest Instagram Photos: सानिया मिर्ज़ा ने साल 2022 में टेनिस से संन्यास का ऐलान कर दिया था। इसके अगले साल यानी 2023 के फरवरी महीने में सानिया ने टेनिस को अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने टेनिस करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।
साल 2005 में हुई थी करियर की शुरुआत
सानिया मिर्ज़ा ने पहली बार साल 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान अपने खेल से सभी को खासा प्रभावित किया था। तीसरे दौर के एक यादगार मैच में उन्होंने सेरेना विलियम्स के खिलाफ़ खेला। जिसमें जीत न पाने के बावजूद उन्होंने अपने खेल से फैंस का ध्यान खींच लिया। अगले कुछ सालों में सानिया ने दुनिया भर के प्रमुख टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया।

हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां
इतना ही नहीं सानिया मिर्जा ग्रैंड स्लैम में वरीयता प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं और कई WTA टूर्नामेंट जीते। कई बार गंभीर चोटों से जूझने के बावजूद उन्होंने अपने करियर पर ब्रेक नहीं लगने दिया। साल 2009 में सानिया मिर्ज़ा और महेश भूपति ऑस्ट्रेलियन ओपन में मिक्स्ड डबल्स के फ़ाइनल में पहुंचे। उन्होंने नाथाली डेची और एंडी राम के खिलाफ़ 6-3, 6-1 के स्कोरलाइन के साथ निर्णायक जीत हासिल की, जिससे सानिया को अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब मिला। अपने पूरे करियर में उन्होंने छह डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं।
ओलंपिक से लौटी थी खाली हाथ
साल 2006 तक सानिया भारत में एक जाना-माना नाम बन चुकी थीं। उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। सानिया ने पहली बार बीजिंग ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन कलाई की चोट के कारण उन्हें जल्दी ही बाहर होना पड़ा था। उन्होंने 2012 में लंदन ओलंपिक में भी भाग लिया था, लेकिन महेश भूपति और रोहन बोपन्ना के लिएंडर पेस के साथ खेलने से इनकार करने से जुड़े टीम चयन विवादों के कारण उन्हें पदक के बिना ही लौटना पड़ा था।
जिंदगी का सबसे बुरा दिन कौन सा था?
सानिया मिर्जा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। दरअसल, इस वीडियो में सानिया थम्स अप का प्रचार करती नजर आ रही हैं। लेकिन वीडियो के शुरुआत मैं उन्होंने बताया कि साल 2009 की शुरुआत उनके टेनिस करियर का सबसे खराब दौर था। वह इंजरी और फॉर्म से जूझ रही थी। ऐसा लग रहा था करियर खत्म हो जाएगा। लेकिन फैमिली और फ्रेंड के सपोर्ट के कारण वह वापसी करने में कामयाब रही और इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतकर दमदार वापसी की।












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