टूट गया नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी चोकोविच का सपना, ऑस्ट्रेलिया छोड़ दुबई पहुंचे
दुबई । दुनिया के नंबर-एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक चोकोविच का ऑस्ट्रेलियन ओपन में रिकॉर्ड 21वीं ग्रैंड स्लैम जीत का पीछा करने की उम्मीदों का सपना टूट गया है। जोकोविच निर्वासित होने के बाद सोमवार को सुबह दुबई पहुंच गए। वह रविवार रात करीब 11 बजे ऑस्ट्रेलिया से रवाना हुए थे। जोकोविच को पहले 6 जनवरी को एयरपोर्ट अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था। 10 जनवरी को एक अदालत द्वारा रिहा करने का आदेश दिया गया था और फिर शनिवार को फिर से उन्हें हिरासत में लिया गया था। जोकोविच ने भी दोबारा कोर्ट का सहारा लिया लेकिन रविवार को फैसला उनके हित में नहीं आया।

जोकोविच ने कहा कि फैसले के बाद वह बेहद निराश हैं। इसका मतलब है कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकते। उन्होंने एक बयान में कहा, "मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं और देश से मेरे जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करूंगा और कामना करता हूं कि टूर्नामेंट अच्छा देखने को मिले।'' 34 वर्षीय जोकोविच ने अपने वीजा रद्द करने के लिए आव्रजन मंत्री एलेक्स हॉक के खिलाफ अपील की थी। मंत्री ने कहा था कि जोकोविच सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो सकते हैं क्योंकि उनकी उपस्थिति ऑस्ट्रेलिया के सबसे खराब कोरोनावायरस प्रकोप के बीच टीकाकरण विरोधी भावना को जन्म देगी।
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मुख्य न्यायाधीश जेम्स ऑलसॉप ने कहा कि अदालत का फैसला जोकोविच की कानूनी टीम द्वारा दायर अपील के तीन आधारों के संदर्भ में मंत्री के फैसले की वैधता पर आधारित था। ऑलसॉप ने कहा, "फैसले के गुण या ज्ञान पर फैसला करना अदालत के कार्य का हिस्सा नहीं है।" उन्होंने कहा कि तीनों न्यायाधीश अपने फैसले में एकमत थे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में फैसले के पीछे का पूरा तर्क जारी किया जाएगा। बता दें कि जोकोविच ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। उन्होंने कहा था कि वे विशेष छूट के आधार पर ऑस्ट्रेलिया आए हैं, लेकिन उनका विरोध हुआ। जोकोविच शुरू से ही वैक्सीन का विरोध करते आए हैं। अगर उन्होंने डोज ली होती तो उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलते हुए देख सकते थे।












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