Vinesh Phogat Disqualified: जीत कर भी पदक से कैसे दूर हुईं विनेश फोगाट? जानिए क्या कहते हैं ओलंपिक के नियम
Vinesh Phogat: पेरिस ओलंपिक में गोल्ड की आस लगाए बैठे करोड़ों भारतियों का दिल चूर-चूर हो गया। 50 किलोग्राम वजन के रस्लिंग मुकाबले के फाइनल में पहुंची भारतीय महिला रेसलर, विनेश फोगाट मुकाबले से ठीक पहले डिसक्वालीफाई यानी की अयोग्य घोषित कर दी गईं हैं। इसके साथ ही पदक की उम्मीद लगाए बैठी विनेश फोगाट के साथ-साथ करोड़ों भारतीयों का दिल भी टूट गया है।
मिली जानकारी के अनुसार विनेश 50 किलोग्राम की कैटेगरी में तय वजन से ज्यादा भारी पाई गईं। बताया जा रहा है कि विनेश का वजन 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा हो जाने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है। ओवरवेट होने के कारण फाइनल मुकाबले से ठीक पहले विनेश मुकाबले से बाहर हो गईं है। लोग ये जानने के लिए उत्सुक हैं कि अब आगे क्या होगा। आइए जानते हैं क्या कहते हैं रस्लिंग और ओलंपिक के नियम...

विनेश फोगाट का ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हुईं डिसक्वालीफाई, क्या अब भी है कुछ उम्मीद?
मंगलवार को विनेश फोगाट ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने दुनिया की नंबर 1 जापान की युई सुसाकी को हराकर और यूक्रेन और क्यूबा के प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ विजय हासिल करते हुए महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। फाइनल में उनका मुकाबला सारा हिल्डेब्रांड्ट से होने वाला था, वह एक ऐसी पहलवान हैं, जिन्हें वह पहले हरा चुकी हैं। हालांकि, वजन के मुद्दे के कारण, हिल्डेब्रांट को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा, और फोगट बिना पदक के प्रतियोगिता छोड़ देंगी।
अयोग्य घोषित होने के कारण विनेश को कोई भी पदक नहीं दिया जाएगा। कई लोग के मन में यह सवाल था कि क्या अब भी सिल्वर मेडल की उम्मीद बरकरार है? तो इसका जवाब है 'नहीं', ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। प्रतियोगिता के नियमों के मुताबिक, फोगाट रजत पदक के लिए भी पात्र नहीं होंगी और 50 किग्रा में सिर्फ स्वर्ण और कांस्य पदक विजेता होंगे
अयोग्य घोषित होने के कारण विनेश को खाली हाथ वापस आना होगा। उन्हें अब ना मुकाबले में शामिल होने की अनुमति है ना ही उन्हें सिल्वर मेडल ही मिलेगा।
कैसे टूटी गोल्ड की आस?
सेमीफइनल मुकाबले के बाद विनेश का वजह बढ़ा हुआ पाया गया। उन्होंने मंगलवार के मुकाबलों के लिए वजन बनाया लेकिन नियम के अनुसार, पहलवानों को प्रतियोगिता के दोनों दिन अपने वजन वर्ग के भीतर रहना होता है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सभी बाधाओं को पार करते हुए फाइनल में पहुंचने वाले पहलवान विनेश फोगाट का वजन मंगलवार की रात लगभग 2 किलो अधिक था। वह पूरी रात सोई नहीं और मानदंडों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ किया - जॉगिंग से लेकर स्किपिंग और साइकिलिंग तक।
हालांकि, यह पर्याप्त साबित नहीं हुआ। सूत्रों ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आखिरी 100 ग्राम कम करने का मौका देने के लिए कुछ और समय मांगा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। यह पहली बार नहीं है कि फोगट को 50 किलोग्राम वर्ग में वजन मेन्टेन करने में कठिनाई हुई है, यह 53 किलोग्राम वर्ग की तुलना में कम है जहां वह आमतौर पर प्रतिस्पर्धा करती है। ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान भी उन्हें इसी तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ा था, जहां वह मामूली अंतर से कट में पहुंची थीं।












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