Wrestlers Protest: भारतीय ओलंपिक संघ का बड़ा फैसला, WFI के अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से लगाया 'प्रतिबंध'
Wrestlers Protest: भारतीय ओलंपिक संघ ने भारतीय कुश्ती महासंघ के सभी निवर्तमान अधिकारियों को डब्ल्यूएफआई के संचालन के संबंध में किसी भी प्रशासनिक कार्य को करने से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है।

Wrestlers Protest: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है। आईओए ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के सभी निवर्तमान अधिकारियों को डब्ल्यूएफआई के संचालन के संबंध में किसी भी प्रशासनिक कार्य को करने से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है।
एएनआई के मुताबिक, भारतीय ओलंपिक संघ ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के सभी निवर्तमान अधिकारियों को डब्ल्यूएफआई के कामकाज से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रशासनिक कार्य करने से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। इससे पहले खेल मंत्रालय के निर्देश पर आईओए ने एक एड-हॉक कमेटी का गठन किया था, जो भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के गठन के 45 दिनों के भीतर नए सिरे से चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार होगी।
दरअसल, भारतीय पहलवानों का कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे पहलवान के द्वारा WFI के अध्यक्ष बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। ये दूसरी बार है, जब पहलवानों को धरना-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है।
इससे पहले ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने बृजभूषण को एक बड़ी चुनौती देते हुए कहा है कि, अगर उन्हें भरोसा है कि वह निर्दोष हैं तो वह झूठ पकड़ने वाला नार्को टेस्ट कराएं। दरअसल, बृजभूषण पर पहलवानों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।
साक्षी मलिक ने 10 मई को डब्ल्यूएफआई के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह से कहा कि अगर वह सात पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद अपनी ईमानदारी पर भरोसा रखते हैं तो उनका लाई डिटेक्टर नार्को टेस्ट कराया जाए। पहलवानों ने कहा कि अगर सिंह संगठन का हिस्सा रहते हैं तो वे कार्यक्रमों की मेजबानी का विरोध करेंगे। इस बीच अब भारतीय ओलपिंक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने भारतीय कुश्ती महासंघ के सभी निवर्तमान अधिकारियों को प्रशासनिक कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
दरअसल, प्रदर्शनकारी पहलवान, एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों के यौन शोषण और उन्हें डराने के कथित आरोपों में बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ 28 अप्रैल को दो प्राथमिकी दर्ज की थी। इस साल 23 अप्रैल को पहलवान-बजरंग पुनिया, विनेश फोगट और साक्षी मल्लिक एक बार फिर जंतर-मंतर के विरोध स्थल पर लौट आए हैं।
उन्होंने दावा किया कि छह महिला पहलवानों और एक नाबालिग ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। प्रदर्शनकारी पहलवानों ने यह भी मांग की कि खेल मंत्रालय निगरानी समिति के निष्कर्षों को सार्वजनिक करे।












Click it and Unblock the Notifications