Wrestlers Protest: पहलवानों के धरने में प्रियंका गांधी की एंट्री, बबीता फोगाट ने कहा राजनीति मत चमकाओ
Wrestlers Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरने पर कई नेता आए हैं, इसे लेकर बबीता फोगाट ने प्रतिक्रिया दी।

Wrestlers Protest: साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के साथ अन्य पहलवानों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिए जा रहे धरने में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी आईं। इसके बाद बबीता फोगाट की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। बबीता ने इस मंच को राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं करने का आग्रह किया।
रेसलर बबीता ने अपनने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि शून्य से लेकर शिखर तक पहुँचने वाले हम खिलाड़ी अपनी लड़ाई लड़ने में स्वयं सक्षम हैं। खिलाड़ियों के मंच को राजनीतिक रोटी सेकने का मंच नहीं बनाना चाहिए। कुछ नेता खिलाड़ियों के मंच से अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। खिलाड़ियों को भी यह ध्यान रखना चाहिए। हम किसी एक के नहीं समूचे राष्ट्र के हैं।
गौरतलब है कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष बृज भूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। यौन आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस ने बृज भूषण पर एफआईआर भी की है। पहलवानों की मांग है कि अध्यक्ष को सभी पदों से हटाते हुए गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
शनिवार सुबह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी धरने पर पहुँचीं थी इसके बाद उनकी तरफ से ट्वीट भी किया गया था। प्रियंका गांधी ने लिखा था कि ये खिलाड़ी हमारा मान हैं। ये कड़ी मेहनत और संघर्ष करके देश के लिए मेडल जीतती हैं। इनका शोषण, इनका अपमान। देश की हर एक महिला का अपमान है। इनको न्याय मिले - पूरा देश ये चाहता है।
उधर बृज भूषण सिंह ने खिलाड़ियों के आरोपों को साजिश बताते हुए कहा कि ये नेशनल इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेते और न ही ट्रायल देते हैं। सीधा ये खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर प्रतिनिधित्व चाहते हैं। इस पर विनेश फोगाट ने कहा कि 14 साल से नेशनल खेलती आ रही हूं। पहले भी नेशनल खेला था और आगे भी खेलूंगी। बजरंग और बाकी लोग ट्रायल देकर ही आगे गए थे।
उधर विनेश फोगाट ने बबीता के बयान पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया और आन्दोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। विनेश ने लिखा कि अगर पीड़ित महिला पहलवालों के हक़ में नहीं खड़ी हो सकती तो बबीता बहन आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे आंदोलन को कमज़ोर तो मत करो। सालों लगे हैं महिला पहलवानों को अपने उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने में, आप भी महिला हैं और हमारा दर्द समझने की कोशिश करो।












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