World Para Archery championship में शीतल देवी ने रचा इतिहास, 18 की उम्र में बनीं वर्ल्ड चैंपियन
World Para Archery championship Sheetal Devi: पेरिस पैरालिंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता शीतल देवी ने दक्षिण कोरिया में चल रही पैरा तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरी सफलता हासिल की है। 27 सितंबर को उन्होंने एक ही दिन में महिला टीम स्पर्धा में सिल्वर और मिश्रित टीम स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफलता हासिल की।
शीतल देवी ने सरिता के साथ मिलकर किया कमाल (World Para Archery championship)
महिला टीम कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में शीतल देवी ने सरिता के साथ मिलकर तुर्की की टीम का सामना किया। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अंतिम राउंड तक दोनों टीमें 132-132 की बराबरी पर थीं। सरिता ने पूरे मैच के दौरान लगभग परफेक्ट '10' का स्कोर बनाया था, लेकिन अंतिम तीर पर वह चूक गईं और केवल 7 का स्कोर कर सकीं। तुर्की की जोड़ी ओजनुर क्यूर गिर्डी और बर्सा फ़ात्मा उन ने इसका फायदा उठाया और 152-149 के करीबी स्कोर से गोल्ड मेडल जीता। शीतल और सरिता को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

शानदार प्रदर्शन से जीता सबका दिल
महिला टीम के सिल्वर मेडल के बाद शीतल देवी ने तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में भी अपना दबदबा दिखाया। ब्रॉन्ज मेडल के लिए भारत का मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन की जोड़ी जोडी ग्रिनहम और नाथन मैकक्वीन से हुआ। भारतीय जोड़ी ने गज़ब का संयम और सटीकता दिखाई। उन्होंने 37-34 की शुरुआती बढ़त बनाई और इसे अंत तक बरकरार रखा। शीतल और तोमन कुमार ने 152-149 के स्कोर से यह मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में झटका
अन्य मुकाबलों में भारत को कुछ निराशा हाथ लगी। राकेश कुमार और तोमन कुमार की अनुभवी जोड़ी पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में कनाडा से 150-152 से करीबी अंतर से हार गई। इसके अलावा भारत को W1 और रिकर्व डिवीज़न में लगातार दूसरी बार कोई पदक नहीं मिला, जो चिंता का विषय रहा। पुरुषों की रिकर्व टीम ने तो हरविंदर सिंह के नाम वापस लेने के कारण हिस्सा ही नहीं लिया, जबकि महिला टीम क्वार्टर फाइनल में कोरिया से हारकर बाहर हो गई।












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