'सर फोन रख दो वरना बंदूक निकल जाएगी’, दिल्ली में पत्रकार पर भड़के रूसी विदेश मंत्री, किसने की बदतमीजी?- Video
Sergey Lavrov: नई दिल्ली में हो रही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov को एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा लेकिन जिस तरीके से उन्होने उस स्थिति से डील किया अब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वे भारत की मीडिया को संबोधित कर रहे थे, तभी एक पत्रकार के मोबाइल फोन पर जोर से बात करने की वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव दो बार डिस्टर्ब हो गए। उसके बाद जो हुआ उसने सबको चौंका दिया या फिर गुदगुदा दिया।
पत्रकार की फोन पर बातचीत और लावरोव का डोज
यह घटना BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद शुक्रवार को हुई, जिसमें रूसी विदेश मंत्री सर्गेई प्रेस से बातचीत कर रहे थे।जब पहली बार फोन की आवाज ने उनकी बात बीच में रोकी, तो लावरोव ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "सर आप प्लीज यहां से चले जाइए"। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में पत्रकार से फिर कहा, "क्या आप हमें अकेला छोड़ सकते हैं सर? या तो आप खुद या आपका फोन..." इसके बाद उन्होंने ब्रीफिंग फिर से शुरू की।

दूसरी बार डिस्टर्ब, लावरोव हुए सख्त
कुछ देर बाद जैसे ही लावरोव बोलना शुरू करते हैं, वही पत्रकार फिर से फोन पर व्यस्त हो गया। इस बार लावरोव थोड़ा खीझे हुए नजर आए। उन्होंने सीधे कहा, "देखिए, क्या आप हमें अकेला छोड़ सकते हैं? मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। कृपया हमें अकेला छोड़ दीजिए।" इसके बाद उन्होंने अपनी पहले वाली टिप्पणी दोहराते हुए फिर कहा, "सर, अगर आप अपना फोन नहीं देंगे, तो वे बंदूक निकाल लेंगे।"
यहां पत्रकार ने उनकी बात नहीं मानी। न तो पत्रकार ने फोन रखा और न ही वह कमरे से बाहर गया। जिसे अब सोशल मीडिया पर लोग बदतमीजी कह रहे हैं, जो कुछ हद तक ठीक भी है। दरअसल जब किसी जरूरी काम के बीच में इस तरीके की हरकत बदतमीजी ही मानी जाती है।
BRICS बैठक के लिए भारत आए थे लावरोव
Sergey Lavrov 13 मई 2026 को BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत आए थे। यह एक दो दिवसीय यात्रा थी, जिसमें उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी की। इस साल BRICS विदेश मंत्रियों की अध्यक्षता भारत के पास थी, जिससे यह बैठक और भी महत्वपूर्ण मानी गई।
भारत-रूस रिश्तों को बताया "अटूट और मजबूत"
लावरोव ने भारत और रूस के संबंधों को "अटूट" और "चट्टान की तरह मजबूत" बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी दबाव के बावजूद रूस भारत को ऊर्जा और तेल की निर्बाध आपूर्ति जारी रखेगा। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा सहयोग, न्यूक्लियर प्रोजेक्ट और BRICS मंच पर सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की।
पीएम मोदी की नेतृत्व शैली की खुलकर तारीफ
लावरोव ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की भी तारीफ की और उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली और ऊर्जावान नेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभर रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकता है।
ईरान संकट में भारत की भूमिका पर जोर
लावरोव ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया और ईरान संकट में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत अपने कूटनीतिक अनुभव का उपयोग करके एक स्थायी मध्यस्थ बन सकता है।
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