WBC 2023: 'गोल्डन गर्ल' स्वीटी बोरा ने की है कबड्डी खिलाड़ी से शादी, रोहतक की कहलाती हैं बहू
Women World Boxing Championship 2023: स्वीटी बूरा ने 81 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता है, फाइनल मुकाबले में हिसार का पंच चीनी पंच पर काफी भरा रहा।

Saweety Boora Profile: महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हरियाणा का जलवा बरकरार है। नीतू घणघस के बाद रविवार को हिसार ही बेटी स्वीटी बूरा ने सोना जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। आपको बता दें कि स्वीटी ने 75-81 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में चीनी मुक्केबाज चीन की वांग लीना को 4 -3 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है। स्वीटी की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अपने सपने को सच करने का जूनून शामिल है,जिसमें उनका साथ दिया उनके पिता महेंद्र सिंह और उनके पति दीपक हुड्डा ने, कहते हैं जिंदगी की आधी मुश्किलें तो उसी वक्त आधी हो जाती हैं, जब आपको आपके परिवार का साथ मिल जाता है।

करियर की शुरुआत कबड्डी खिलाड़ी के रूप में की
स्वीटी के साथ भी यही हुआ है। उन्होंने भी हिसार की धरती से गोल्ड मेडल तक का सफर काफी मुश्किलों और संघर्ष के साथ तय किया है। आपको बता दें कि स्वीटी के पापा एक किसान हैं और वो भी नेशनल लेवल तक कबड्डी के खिलाड़ी रह चुके हैं। 10 जनवरी 1993 को हिसार में जन्मी स्वीटी बूरा ने अपने एथलीट करियर की शुरुआत कबड्डी खिलाड़ी के रूप में की थी।
पापा ने दी बॉक्सिंग सीखने की सलाह
उनके पापा खुद एक खिलाड़ी रहे हैं ऐसे में उन्हें बहुत जल्द समझ आ गया कि उनकी बेटी कबड्डी से अच्छा बॉक्सिंग खेल सकती हैं और उन्होंने स्वीटी को बॉक्सिंग सीखने की सलाह दी, जिसे कि स्वीटी ने माना और उन्होंने फिर पंच की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी।

दीपक हुड्डा से की है शादी
शुरुआत में उन्हें भी लोगों के उलाहनों का शिकार होना पड़ा लेकिन स्वीटी बूरा ने बिना किसी की परवाह किए सिर्फ अपने लक्ष्य पर फोकस किया और उसी का नतीजा है कि उन्होंने सोना जीतकर देश की करोड़ों जनता को विश्वपटल पर मुस्कुराने और इतराने का मौका दिया है। पिछले साल स्वीटी भूरा की शादी. जाने-माने कबड्डी खिलाड़ी दीपक हुड्डा, जो कि रोहतक के गांव चमारिया के रहने वाले हैं,से हुई ।

शादी के बाद भी जारी रहा अभ्यास
लेकिन शादी के बाद भी उन्होंने अपना नियमित अभ्यास नहीं छोड़ा, हालांकि ये उनके लिए काफी टफ रहा क्योंकि शादी के बाद उनके ऊपर उनके ससुराल की भी जिम्मेदारी आई गई लेकिन उनके पति ने उनकी जिम्मेदारियों को उन पर थोपने के बजाय बांटने का काम किया और इसी कारण शादी के मात्र 10 दिन बाद ही स्वीटी बूरा ने अपनी बॉक्सिंग प्रैक्टिस शुरू कर दी थी, इनका लक्ष्य विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप को जीतना था इसलिए उन्होंने अपने अभ्यास से कोई समझौता नहीं किया।

हिसार का गोल्डन पंच
शादी के दस दिन बाद जब वो मेंहदी लगे हाथों में बॉक्सिंग गल्वस पहनकर रिंग में उतरी थीं तो हर कोई हैरान रह गया था लेकिन अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर फोकस करने वाली स्वीटी मे अपने गेम और फिटनेस पर पूरा ध्यान दिया जिसके जरिए ही आज महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्डन पंच मारा है।
स्वर्ण पदक जीतकर किया देश का नाम रौशन
देश के इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि कठिन मेहनत से ही लक्ष्य हासिल किया जाता है और सक्सेस का कोई विकल्प नहीं होता है, आज स्वीटी भूरा उन लड़कियों के लिए भी मिसाल बन गई हैं, जो सोचती हैं कि शादी के बाद उनका करियर खत्म हो जाता है। देश की इस बेटी को वनइंडिया परिवार भी स्वर्ण पदक जीतने की बधाई देता है।
एक नजर डालते हैं स्वीटी बूरा के अबतक के सफर और मेडल पर
- युवा मुक्केबाजी प्रशिक्षण प्रतियोगिता 2011: स्वर्ण पदक
- AIBA विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2014: रजत पदक
- ABAC एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप: रजत पदक
- भारत-ऑस्ट्रेलिया प्रतियोगिता 2015: रजत पदक
- भारत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2018:रजत पदक
- 69th Chess Cup in February 2018: कास्यं पदक
- उमाखानोव मेमोरियल टूर्नामेंट 2018: स्वर्ण पदक
- एशिया चैम्पियनशिप 2021: कास्यं पदक
- महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 2023: स्वर्ण पदक
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