WFI ने खेल मंत्रालय को भेजा जवाब, कहा अजेंडा चलाकर किया गया प्रोटेस्ट, आरोप निराधार
रेसलिंग फेडरेशन में के अध्यक्ष और कोचों पर यौन उत्पीड़न के आरोप तक लगे हैं, इसे लेकर अब खेल मंत्रालय को फेडरेशन ने जवाब भेजा है।

WFI Replies to Sport Ministry: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया में अनियमितताओं और अन्य मांगों के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे रेसलर्स ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाक़ात की थी। प्रोटेस्ट में कोचों और रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष पर यौन शोषण के आरोप तक लगे थे। इसके बाद खेल मंत्रालय ने फेडरेशन को 72 घंटों में अपना जवाब पेश करने के लिए कहा। फेडरेशन की तरफ से मंत्रालय को जारी जवाब में किसी भी तरह की अनियमतता से साफ़ मना किया गया है।
अनियमितता की संभावना नहीं
फेडरेशन की तरफ से जारी जवाब में कहा गया है कि WFI अध्यक्ष सहित किसी भी व्यक्ति द्वारा फेडरेशन में अनियमितता और कुप्रबंधन की कोई संभावना नहीं है। यह भी कहा गया है कि रेसलिंग फेडरेशन अपने संविधान और निर्वाचित निकाय द्वारा चलाया जाता है। पीटीआई के अनुसार फेडरेशन की तरफ से बयान में कहा गया है कि किसी अजेंडे के तहत वर्तमान प्रबंधन को हटाने के लिए यह प्रोटेस्ट किया गया था।
WFI को बदनाम करने के लिए प्रोटेस्ट
आगे फेडरेशन ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों ने व्यक्तिगत हितों को देखते हुए WFI को बदनाम करने के लिए किसी दबाव में ऐसा काम किया है। वर्तमान फेडरेशन अध्यक्ष ने हमेशा रेसलर्स के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया है। राष्ट्रीय हित को बढाने में WFI और अध्यक्ष का योगदान रहा है। इसका रिकॉर्ड देखा जा सकता है, एक सख्त और निष्पक्ष प्रबंधन के बगैर प्रदर्शन हासिल करना संभव नहीं है।
रेसलर्स खत्म कर चुके धरना
गौरतलब है कि दिल्ली के जन्तर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे रेसलर्स ने शुक्रवार को अपना धरना समाप्त करने का ऐलान किया था। इन रेसलर्स ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाक़ात करने के बाद ऐसा किया था। खेल मंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा इन एथलीट्स को दिया था। प्रदर्शन करने वालों में बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट जैसे नामी एथलीट शामिल थे। खेल मंत्री के साथ एथलीट्स ने दो बार बातचीत की थी।












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