भारत के साथ हुई बड़ी नाइंसाफी, 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों से क्रिकेट और हॉकी सहित मेडल मिलने वाले सभी गेम्स बाहर
2026 में होने वाले ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को तगड़ा झटका लगा है। इन गेम्स में उन स्पोर्ट्स को हटाया गया है, जिनमें भारत को मेडल मिलता है। इससे भारत की मेडल जीतने की उम्मीदें टूट गई हैं। अहम बात तो यह है कि इन खेलों में सिर्फ 10 इवेंट में ही स्पर्धा होगी।
जिन खेलों में भारतीय एथलीट आम तौर पर शामिल होते हैं, उनको हटा दिया गया है। क्रिकेट, टेबल टेनिस, स्कॉश, रोड रेसिंग बैडमिंटन जैसे गेम्स को शामिल नहीं करने का फैसला लिया गया है। भारत को इन गेम्स में ही मेडल मिलने की उम्मीद होती है। पिछली बार बर्मिंघम में हुए गेम्स की तुलना में इस बार इवेंट लगभग आधे हो गए हैं।

ग्लासगो लम्बे समय के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में मेजबानी करेगा। साल 2014 में पिछली बार वहां इन गेम्स का आयोजन हुआ था। 12 साल बाद फिर से इन खेलों का आयोजन वहां होगा। इससे पहले इन गेम्स का आयोजन ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में होना था। वित्तीय कारणों से विक्टोरिया के पीछे हटने पर स्कॉटलैंड मेजबानी के लिए आगे आगे।
बर्मिंघम खेलों में कुल 19 स्पोर्ट्स शामिल किये गए थे, इस बार 10 खेल ही रह गए हैं। क्रिकेट में महिलाओं की स्पर्धा देखने को मिली थी। 1998 में इन गेम्स में हॉकी को शामिल किया गया था। भारतीय पुरुष टीम ने हॉकी में तीन बार सिल्वर और दो बार कांस्य पदक हासिल किया है। निशानेबाजी भी राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं है।
राष्ट्रमंडल खेल फेडरेशन ने इन स्पोर्ट्स को बाहर करने का कोई साफ़ कारण तो नहीं बताया है लेकिन सीईओ केटी सैडलेयर ने कहा कि लागत करने का प्रयास किया गया है। इस प्रतिक्रिया से यही स्पष्ट होता है कि फाइनेंसियल कारणों से ही इन इवेंट्स को बाहर कर दिया गया है। विक्टोरिया ने ज्यादा लागत आने के कारण गेम्स आयोजन से ही हाथ पीछे खींच लिया था, ग्लासगो में भी ज्यादा लागत वाले गेम्स को बाहर कर दिया गया।












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