भारत की बेटी का गोल्ड जीतने का सपना चकनाचूर? स्कोर बराबरी पर रहने के बावजूद मिली हार, जानें क्यों
Reetika Hooda loses in quarterfinals: रितिका हुड्डा का पेरिस ओलंपिक 2024 में गोल्ड जीतने का सपना टूट गया है। वीमेंस 76 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में उन्हें कुश्ती के एक नियम की वजह से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दुनिया की नंबर एक पहलवान किर्गिस्तान की स्टार पहलवान मेदेट क्यज़ी ऐपेरी को कांटे की टक्कर दी। लेकिन मुकाबले को जीतने में नाकाम रही।
गोल्ड जीतने का सपना रह गया अधूरा
मैच खत्म होने पर स्कोर लाइन 1-1 से बराबर होने के बावजूद भारतीय पहलवान को दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रितिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। दोनों पहलवानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। लेकिन नियमों के आधार पर फैसला हुआ। इस हार से रितिका का ओलिंपिक गोल्ड जीतने का सपना अधूरा रह गया।

कांटे की टक्कर
मेदेट क्यज़ी ऐपेरी और रितिका हुड्डा के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दोनों ही पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, अंत में नियमों के आधार पर मेदेट क्यज़ी ऐपेरी को विजेता घोषित किया गया। रितिका हुड्डा ने इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उन्होंने दुनिया की नंबर एक पहलवान को बराबरी की टक्कर दी, जो अपने आप में बड़ी बात है। हार के बावजूद उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा।
इस नियम के कारण मिली हार
इस हार से भारतीय कुश्ती प्रेमियों को निराशा हुई है, लेकिन रितिका हुड्डा ने अपने खेल से सभी का दिल जीत लिया है। उनके संघर्ष और मेहनत की तारीफ हो रही है। इस मुकाबले में किर्गिस्तान की पहलवान को आखिरी पैसेविटी पॉइंट मिला था और उन्हें काउंटबैक के आधार पर विनर चुना गया। अब रितिका को आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना होगा। उन्हें अपनी गलतियों से सीखकर अगले टूर्नामेंट्स की तैयारी करनी होगी।
ब्रॉन्ज मेडल जीत सकती हैं रितिका
हालांकि, इस ओलंपिक में रितिका के पास अभी भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका बना हुआ है। इस हार के बाद रितिका ने कहा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन आज किस्मत मेरे साथ नहीं थी। मैं अपनी गलतियों से सीखूंगी और अगले टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन करूंगी।












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