पीटी उषा ने बयां किया दर्द, बताया उनकी एकेडमी पर किया दबंगों ने कब्जा
पीटी उषा ने इस मामले को लेकर प्रेस वार्ता की और केरल के मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए न्याय दिलाने की मांग की।

Encroachment on PT Usha Academy: उड़नपरी के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय धाविका पीटी उषा ने अपने एकेडमी पर अवैध कब्जा किये जाने का मामला उठाया है। पीटी उषा ने केरल के कोझिकोड स्थित 'उषा स्कूल ऑफ़ एथलेटिक्स' की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किये जाने की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने एक प्रेस वार्ता करते हुए अपना दर्द बयाँ किया। उषा ने यह भी कहा है कि उनको सांसद बनने के बाद जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है और यह कब्जा भी उसी का एक हिस्सा है।
सिराज और उमरान ने नहीं लगवाया तिलक तो खड़ा हो गया विवाद, धार्मिक कट्टरता फैलान का लगा आरोप
पीटी उषा अपनी बात कहते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि मामला पानगढ़ पंचायत के संज्ञान में है। लड़कियों की एकेडमी में इस तरह कोई कैसे घुस सकता है। उन्होंने कहा कि वहां ट्रेनिंग करने वाली लड़कियों और अन्य सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए चीजें ठीक करने का प्रयास करना चाहिए। जब से मैं राज्यसभा सांसद बनी हूँ, एकेडमी को निशाना बनाया जा रहा है। मैंने इस बारे में पुलिस में शिकायत भी की है।
पीटी उषा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सांसद हैं। उनको किसी विशेष दल की तरफ से नहीं भेजा गया है। हालांकि केंद्र सरकार की सिफारिश पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उषा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। उषा इस समय भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं। साल 1984 के ओलंपिक में पीटी उषा 400 मीटर हर्डल रेस स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही थीं।
गौरतलब है कि रेस के मामले में पीटी उषा का नाम पूरे एशिया में शिद्दत के साथ लिया जाता है। एथलेटिक्स में उनके योगदान को देखते हुए ही राज्यसभा के लिए मनोनयन किया गया था। एक और खास बात यह भी है कि वह भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला भी हैं।












Click it and Unblock the Notifications