Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mann Ki Baat: इतिहास रचने वाली मछुआरे की बेटी को लेकर क्या बोले PM मोदी? रश्मिता साहू ने लहराया देश का तिरंगा

Mann Ki Baat, Rasmita Sahoo: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) के 125वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ से हुए नुकसान पर दुख जताया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने खेलों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि जो खेलता है, वो खिलता है।

पीएम मोदी ने किया दो बड़े खेल आयोजनों का जिक्र (Mann Ki Baat, Rasmita Sahoo)

पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में हुए दो बड़े खेल आयोजनों का जिक्र किया, जिन पर शायद ज्यादा ध्यान नहीं गया। उन्होंने बताया कि पुलवामा में पहली बार डे-नाइट क्रिकेट मैच आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। यह मैच 'रॉयल प्रीमियर लीग' का हिस्सा था और इसमें जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग टीमों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यह सोचना भी मुश्किल था, लेकिन अब देश बदल रहा है और युवा खेलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

Mann Ki Baat 1

वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल पर बोले मोदी

इसके अलावा पीएम मोदी ने देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल की भी चर्चा की, जो श्रीनगर की खूबसूरत डल झील पर आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि इतने भव्य आयोजन के लिए डल झील से बेहतर जगह कोई नहीं हो सकती थी। इस फेस्टिवल में पूरे देश से 800 से ज्यादा एथलीट्स ने हिस्सा लिया, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी लगभग पुरुषों के बराबर रही। पीएम ने विशेष रूप से मध्य प्रदेश को बधाई दी, जिसने सबसे ज्यादा मेडल जीते। इसके बाद हरियाणा और ओडिशा का नाम रहा।

रश्मिता साहू ने कही यह बात

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने दो युवा खिलाड़ियों से भी बात की। रश्मिता साहू (ओडिशा) और मोहसिन अली (श्रीनगर)। दोनों ने अपने संघर्ष और अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। इसके बाद रश्मिता साहू ने आईएनए से बात करते हुए कहा कि मैं एक कैनोइंग प्लेयर हूं। मैंने 2017 में खेलों की दुनिया में कदम रखा और कैनोइंग से शुरुआत की। आज तक मैंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, जिनमें नेशनल चैम्पियनशिप और नेशनल गेम्स शामिल हैं। मेरी झोली में अब तक 41 मेडल हैं, जिसमें 13 गोल्ड, 14 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसे गांव से आती हूं जहां खेलकूद की कोई सुविधा नहीं थी। पास की नदी में नाव चलती थीं, और वहीं से मेरी कहानी शुरू हुई। एक दिन मैं दोस्तों के साथ तैर रही थी, तभी मैंने पहली बार कैनोइंग-कायकिंग की नाव देखी। मुझे नहीं पता था कि ये क्या है, लेकिन मुझे बहुत रोचक लगा। उसी वक्त मैंने तय कर लिया कि मुझे यही करना है। मैं घर गई और पापा से कहा कि मुझे ये खेल सीखना है।' और फिर शुरू हुआ मेरा सफर, जिसने मुझे आज यहां तक पहुंचाया। बता दें कि रश्मिता साहू के पिता मछुआरे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+