एक हाथ वाला दिव्यांग फाइटर, जिसके मुक्के-लातों ने 14 विरोधियों को धूल चटाई
किसी सामान्य इंसान के लिए एक फाइटर बनना बड़ा ही मुश्किल भरा काम होता है, लेकिन यह काम तब कई गुना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जब आपके पास सिर्फ एक ही हाथ हो। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही फाइटर की, जिसने एक हाथ होने के बावजूद मार्शल आर्ट्स की दुनिया में अपना डंका बजाया।
"द वन" के नाम से मशहूर जेक पीकॉक अगले महीने 16 नवंबर को होने वाले इवेंट ONE 173 के जरिए एक्शन में नजर आएंगे। उस दिन बेंटमवेट मॉय थाई मुकाबले में उनकी टक्कर शानदार फॉर्म में चल रहे थाईलैंड के घातक फाइटर सुआकिम से होगी।

अगर 32 वर्षीय कनाडाई-इंग्लिश फाइटर जीतने में कामयाब रहे तो वो जीत की हैट्रिक लगा देंगे। 2024 में अपना ONE Championship डेब्यू करने वाले पीकॉक ने तीन राउंड की फाइट को जीतने में कामयाबी पाई। इस साल फरवरी में उन्होंने एक और जापानी फाइटर को तीसरे राउंड में तकनीकी नॉकआउट से धूल चटाई।
गर्भ में हुई मेडिकल समस्या से नहीं हो पाया हाथ का विकास
जब पीकॉक अपनी मां के गर्भ में थे तो उनके विकास के दौरान एमनियोटिक बैंड उनके दाहिने हाथ में लिपटकर उलझ गया, जिससे उनके सीधे हाथ का विकास नहीं हो पाया। उनके जन्म तक इस बात का पता नहीं चल पाया था, लेकिन माता-पिता के समर्थन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने में मदद की।
मार्शल आर्ट्स जैसे कठिन खेल में बनाया करियर और बने प्रेरणा
32 वर्षीय और 14-1 के शानदार रिकॉर्ड वाले स्ट्राइकर एक सफल मॉय थाई फाइटर बनकर ना सिर्फ अपना, अपने देश और परिवार का नाम रौशन कर रहे हैं बल्कि वो दूसरे दिव्यांग लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।
उन्होंने अपने करियर के बारे में कहा, "मैंने 25 साल की उम्र में प्रोफेशनल करियर शुरु किया। अगर आप भी कुछ करना चाहते हैं तो अभी देर नहीं हुई है। लेकिन इसके लिए आपको सब कुछ झोंकना होगा।"












Click it and Unblock the Notifications