Norway Chess Tournament: गुस्से में टेबल पर जोर से पटका हाथ! गुकेश ने वर्ल्ड नंबर-1 Magnus Carlsen को दी मात
भारत के 18 साल के ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश (D Gukesh) ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट (Norway Chess Tournament ) में वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं कर सके। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-1 और शतरंज के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) को उनके ही घर में मात दी।
इस जीत से ज्यादा चर्चा में रहा दोनों खिलाड़ियों का रिएक्शन-एक तरफ गुकेश विनम्रता की मिसाल बने, तो दूसरी तरफ कार्लसन गुस्से में टेबल पर हाथ मारकर बाहर निकल गए।
मैग्नस कार्लसन को हराने के बाद भी डी गुकेश (D Gukesh) बेहद विनम्र नजर आए। मैच के बाद गुकेश ने अपनी जीत को किस्मत बताया और कहा कि, '99 में से 100 बार मैं हार जाता। आज बस किस्मत अच्छी थी।'

'टूर्नामेंट से मिला एक अहम सबक'
उन्होंने अपनी रणनीति पर बात करते हुए कहा कि, 'मैं बस ऐसे मूव्स खेलने की कोशिश कर रहा था जो उनके लिए मुश्किल हों और किस्मत से वे टाइम स्क्रैम्बल में फंस गए।' गुकेश ने यह भी स्वीकार किया कि इस टूर्नामेंट से उन्हें एक अहम सबक मिला- 'एक चीज जो मैंने सीखी, वो ये कि टाइम स्क्रैम्बल में चीजें बहुत जल्दी हाथ से निकल सकती हैं।'
कार्लसन का गुस्सा फूटा: टेबल पर जोर से पटका हाथ
कार्लसन के रिएक्शन ने सबको चौंका दिया। उन्होंने मैच हारने के बाद टेबल पर जोर से हाथ पटका और फिर तुरंत वहां से बाहर निकल गए। हालांकि उन्होंने बाद में माफी मांगी, लेकिन उनका गुस्सा सभी को हैरान कर गया।
सुसन पोल्गर ने की गुकेश की तारीफ
दिग्गज ग्रैंडमास्टर सुसन पोल्गर (Susan Polgar) ने भी गुकेश के इंटरव्यू को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड चैंपियन ने 'विनिंग विद ग्रेस' का असली मतलब दिखाया! उसके अंदर एक योद्धा का दिल है!' पोल्गर ने आगे लिखा कि, 'उसे पता था कि वो बोर्ड और टाइम दोनों पर मुसीबत में है, लेकिन फिर भी उसने हार मानने की जगह आखिरी दम तक लड़ाई की और उसे इसका इनाम भी मिला।'
मैग्नस कार्लसन की पुरानी चेतावनी वायरल
गुकेश के खिलाफ हारने से पहले, मैग्नस कार्लसन ने टूर्नामेंट के पहले राउंड में जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया था। 'You come at the king, you best not miss.' यानि अगर तुम बादशाह पर निशाना साध रहे हो, तो चूकना मत। अब गुकेश की जीत के बाद यही लाइन फिर से चर्चा में है।
कार्लसन की गलती, गुकेश की चालाकी
कार्लसन पूरे मैच में बढ़त में थे, लेकिन एंडगेम में समय की कमी और एक चूक ने उनका गेम बिगाड़ दिया। गुकेश ने मौके का फायदा उठाया और शानदार काउंटर अटैक से गेम पलट दिया। ये पहली बार था जब गुकेश ने क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को हराया।












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