क्या है नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी? PM मोदी बोले- खेल से रोशन होगा भविष्य, बताया क्या है प्लान
PM Modi On National Sports Policy 2025: भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कई बातों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगर बच्चे खेलकूद में आगे होते हैं तो माता-पिता गौरव से भर जाते हैं। खेलों के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी लाता है।
खेलों को बढ़ावा देने की तैयारी (PM Modi On National Sports Policy 2025)
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और 'खेलो भारत' नीति लेकर आई है। इस नीति का उद्देश्य देशभर में खेल संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज तक स्पोर्ट्स का मजबूत ईकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को खेलों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।

हर बच्चे तक सुविधा पहुंचाने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में भी खेल सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलों के लिए जरूरी साधन और ट्रेनिंग सुविधा हर बच्चे तक पहुंचे, इसके लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि खेलों में आगे बढ़ने वाले युवा न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करते हैं, बल्कि देश के गौरव को भी बढ़ाते हैं।
नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी को मिली मंजूरी
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य यह है कि हर बच्चा पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता हासिल करे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी (NSP) 2025 को मंजूरी दे दी है। यह ऐतिहासिक कदम भारत के खेलों के परिदृश्य को नया रूप देने और नागरिकों को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए उठाया गया है। यह नीति साल 2001 की पुरानी स्पोर्ट्स पॉलिसी को खत्म कर देगी और एक विजनरी रोडमैप तैयार करेगी, जिसका लक्ष्य भारत को 2036 ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला देश बनाना है।
क्या है नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी?
नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत जमीनी स्तर से लेकर एलीट लेवल तक टैलेंट पहचान बनाना। आधुनिक ट्रेनिंग सिस्टम, खेल विज्ञान, और ग्रामीण-शहरी इलाकों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देना है। इसके अलावा स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा, खेल उपकरण निर्माण, स्टार्टअप्स, और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए निवेश को प्रोत्साहन करना है। वहीं महिलाओं, आदिवासी, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाना, पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना और खेलों को करियर विकल्प बनाना भी सरकार का लक्ष्य है। स्कूलों में खेलों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना और फिजिकल एजुकेशन टीचर्स को विशेष प्रशिक्षण देना भी इसका हिस्सा है।












Click it and Unblock the Notifications