What is an Olympic Order: ओलंपिक ऑर्डर क्या है? जिससे अभिनव बिंद्रा को IOC करेगा सम्मानित
What is an Olympic Order: पेरिस ओलंपिक के बीच आज 10 अगस्त को अभिनव बिंद्रा को औपचारिक रूप से ओलंपिक ऑर्डर से सम्मानित किया जाएगा, जो भारतीय खेलों पर उनके स्थायी प्रभाव और दुनिया भर में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनके अटूट समर्पण का प्रमाण है।
क्या है ओलंपिक ऑर्डर?
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा 1975 में स्थापित ओलंपिक ऑर्डर, ओलंपिक आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। इस ऑर्डर से उन हस्तियों को सम्मानित किया जाता है जो उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान के मूल्यों को अपनाते हैं। शुरुआत में इसे तीन कैटेगरी में प्रदान किया जाता था- गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज- बाद में इसे 1984 में एकल सम्मान (Single Honor) में बदल दिया गया।

अभिन बिंद्रा को क्यों मिल रहा है ऑलंपिक ऑर्डर?
2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनकी सफलता ने अनगिनत एथलीटों को प्रेरित किया और वैश्विक खेल मंच पर भारत की क्षमता को उजागर किया। ओलंपिक ऑर्डर दुनिया भर में खेलों में ऐसी उल्लेखनीय उपलब्धियों और योगदान का जश्न मनाता है।
एथलीटों के अलावा इन्हें भी मिलता है ऑलंपिक ऑर्डर
ओलंपिक ऑर्डर सिर्फ़ एथलीटों तक सीमित नहीं है; यह कोचों, प्रशासकों और संगठनों को भी सम्मानित करता है जिन्होंने ओलंपिक आंदोलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। यह समावेशी दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि खेल विकास के सभी पहलुओं को स्वीकार किया जाए और उनका जश्न मनाया जाए।
जुआन एंटोनियो समरंच, जिन्होंने 1980 से 2001 तक IOC का नेतृत्व किया, ने ओलंपिक के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उत्तराधिकारी जैक्स रॉग ने खेलों में अधिक भागीदारी और समावेशिता को बढ़ावा देकर इस विरासत को जारी रखा। उनका नेतृत्व ओलंपिक व्यवस्था की भावना का उदाहरण है।
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ओलंपिक ऑर्डर पाने वालों में विभिन्न क्षेत्रों के कई लोग शामिल हैं, जिन्होंने खेलों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बिंद्रा जैसे एथलीट से लेकर समरंच और रॉग जैसे प्रशासकों तक, प्रत्येक सम्मानित व्यक्ति ने ओलंपिक आंदोलन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।












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