कौन है भारतीय कबड्डी टीम का कप्तान? PKL में एक भी ख़िताब नहीं जीतने वाली टीम से खेलते हैं
Pawan Sehrawat: भारत में क्रिकेट सबसे ज्यादा लोकप्रिय गेम है लेकिन यह जानना जरूरी है कि कबड्डी में भारत का कैसा प्रदर्शन है। इनडोर स्टेडियम में खेले जाने वाले इस गेम में भारतीय टीम ने अपना दबदबा बनाया है। भारतीय टीम ने कबड्डी में तीन बार वर्ल्ड कप का टाइटल अपने नाम किया है।
जहाँ तक अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग का सवाल है, तो भारतीय टीम वहाँ भी नम्बर एक की पोजीशन पर है। भारत के बाद दूसरे नम्बर पर ईरान की टीम आती है। टॉप टीमों की लिस्ट में पाकिस्तान का नाम भी है। पाकिस्तानी टीम इस लिस्ट में नम्बर तीन पर आती है।

भारतीय कबड्डी टीम की कप्तानी पवन सहरावत के पास हैं। वह प्रो कबड्डी लीग में भी खेलते हैं। इसके अलावा वह भारतीय रिजर्व बैंक का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। पवन सहरावत ने भारतीय कबड्डी टीम के साथ रहते हुए 2019 के एशियाई गेम्स में जीत दर्ज की थी। इसके अलावा 2023 की एशियाई कबड्डी चैम्पियनशिप में वह गोल्ड जीतने में सफल रहे थे।
पवन का जन्म 9 जुलाई 1996 को कई दिल्ली में हुआ था। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुए हैं। प्रो कबड्डी लीग के नौवें सीजन में उनको तेलुगु टाइटंस ने अपने साथ जोड़ लिया। उस समय उनके ऊपर सबसे ज्यादा बोली लगी थी। वह 2 करोड़ 26 लाख की राशि में खरीदे गए थे।
खेल में बेहतरीन प्रदर्शन और भारतीय टीम के लिए उनके योगदान को देखते हुए साल 2023 में अर्जुन अवॉर्ड भी दिया गया था। प्रो कबड्डी में साल 2018 के दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा रेड पॉइंट्स अर्जित किये थे। अगले साल भी वह सबसे ज्यादा रेड पॉइंट्स लेने वाले खिलाड़ी बने थे।
प्रो कबड्डी लीग में पवन की पहली टीम बेंगलुरु बुल्स थी, दो साल उनके साथ रहने के बाद उनको गुजरात फार्च्यून जायन्ट्स ने अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद वह फिर से बेंगलुरु में आ गए। सीजन 7 में वह बुल्स के कप्तान भी रहे। इसके बाद वह चोटिल हो गए और सीजन 9 में उनको तेलुगु टाइटंस ने खरीद लिया।
पवन की उम्र 27 साल है और भारतीय कबड्डी टीम के साथ उनका सफर आगे भी जारी रहने वाला है। जब भी अगला वर्ल्ड कप होगा, उनका खेल भी देखने लायक रहने वाला है।












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