कभी मजदूरी कर कमाते थे 300 रुपये, फिर PKL ने बनाया मालामाल. संघर्ष भरी है इस खिलाड़ी की कहानी

PKL Auction 2024 Telugu Titans: आईपीएल की तरह पीकेएल ने भी कई खिलाड़ियों की जिंदगी को बदलने का काम किया है। प्रो कबड्डी लीग 2024 का आगाज 18 अक्टूबर से हैदराबाद में किया जाएगा। पीकेएल सीजन 11 के मुकाबले तीन शहरों हैदराबाद, नोएडा और पुणे में 18 अक्टूबर से 24 दिसंबर 2024 तक खेला जाएगा। पहला मैच हैदराबाद में तेलुगु टाइटंस और बेंगलुरु बुल्स के बीच खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला यू मुंबा और दबंग दिल्ली के बीच होगा। प्लेऑफ के लिए शेड्यूल और आयोजन स्थान की घोषणा बाद में की जाएगी।

शंकर गडई पर रहेगी फैंस की नजरें

आज हम आपको तेलुगु टाइटंस के एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके लिए यहां तक का सफर तय करना कतई आसान नहीं था। जी हां, हम बात कर रहे हैं तेलुगु टाइटंस के ऑल-राउंडर खिलाड़ी शंकर गडई की। पवन सहरावत की कप्तानी में शंकर गडई इस सीजन प्रो कबड्डी लीग में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। शंकर गडई तेलुगु टाइटंस से पहले इस लीग में गुजरात के लिए भी खेल चुके हैं।

PKL Auction 1

तेलुगु टाइटंस से मिलते हैं इतने पैसे

तेलुगु टाइटंस ने साल 2023 में शंकर गडई को 15 लाख 61 हजार में खरीदा था। शंकर गडई इस साल भी टीम के साथ बरकरार रहेंगे। ऑक्शन से पहले शंकर गडई को तेलुगु टाइटंस ने रिटेन करने का काम किया था। शंकर गडई अपने दमदार परफॉर्मेंस से टीम के इस फैसले को सही साबित करना चाहेंगे। शंकर के पास इस सीजन टीम को चैंपियन बनाने का शानदार मौका है।

गन्ने के खेतों में करते थे मजदूरी

महाराष्ट्र के गन्ने के खेतों में मजदूरी करने से लेकर प्रो कबड्डी लीग (PKL) में पेशेवर खिलाड़ी बनने तक का शंकर गडई का सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। गन्ने के खेतों में मजदूरी करने के लिए उन्हें 300 रुपये मिला करते थे। एक इंटरव्यू के दौरान शंकर गडई ने अपने परिवार के आर्थिक तंगी के बारे में जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि उनका परिवार मुख्य रूप से गन्ना काटने सहित मज़दूरी के काम में लगा हुआ था और उनकी पढ़ाई भी कुछ खास नहीं ही थी।

कबड्डी के ज़रिए बनाया अपने लिए एक अलग रास्ता

फिर क्या था शंकर ने कबड्डी के ज़रिए अपने लिए एक अलग रास्ता बनाने का फैसला किया। शंकर ने कबड्डी में अपनी शुरुआत सातवीं क्लास में कर दी, वह क्लास 7 से ही कबड्डी खेलों में हिस्सा लेने लगे। जिससे उनके अंदर एक जुनून पैदा हुआ जो उन्हें पेशेवर लीग में ले आया। इसके बाद उन्होंने सिर्फ 24 साल की उम्र में महाराष्ट्र के लिए सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी कप्तानी में खेला।

शंकर की ये कहानी खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा

पहली बार प्रो कबड्डी लीग में जब उनका चयन हुआ तो वो बेहद खुश थे। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जब मैंने शाम को फोन चालू किया, तो मुझे पता चला कि गुजरात ने मुझे खरीद लिया है। हर कोई बहुत खुश था और मैं भी खुश था कि मुझे अपनी मेहनत का फल मिला। शंकर की ये कहानी देश के उन कबड्डी प्लेयर के लिए सीख है जो अपने करियर के शुरुआती दौर में कई तरह के संघर्षों से गुजर रहे हैं।

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