Fifa World Cup : एशिया ने फिर चौंकाया, दक्षिण कोरिया की मजबूत दीवार नहीं भेद पाया पूर्व चैंपियन उरुग्वे

आज फिर एक एशियाई देश (दक्षिण कोरिया) का पूर्व विश्व विजेता (उरुग्वे) से मुकाबला था। लेकिन यह मुकाबला 0-0 से बराबर रह गया। हालांकि कोरिया के लिए इस मैच का ड्रा करना भी बहुत बड़ी बात है। वह इसलिए क्यों कि उरुग्वे दुनिया की 14वें नम्बर की टीम है। दो बार की विश्व विजेता भी है। इसके पहले दो एशियाई देश (सऊदी अरब, जापान) दो पूर्व वर्ल्ड चैंपियन (अर्जेंटीना, जर्मनी) को हरा चुके थे। उरुग्वे, दक्षिण कोरिया से मजबूत टीम थी। उसके पास लुइस सुआरेज जैसे विश्वविख्यात खिलाड़ी थे। टीम को उनसे बहुत उम्मीद थी। वे दुनिया के नामी क्लब लिवरपुल, बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड की तरफ से खेल चुके थे। लेकिन आज वे बिल्कुल फीके नजर आये। हालत यह हो गयी कि ऊरुग्वे ने 64वें मिनट में उन्हें मैदान से वापस बुला लिया। इस टीम में रियल मैड्रिड की तरफ से खेलने वाले फेडरिको वालवेरडे भी थे। लेकिन वे भी कमाल नहीं दिखा सके।

दक्षिण कोरिया ने गति और फुर्ती से प्रभावित किया

दक्षिण कोरिया ने गति और फुर्ती से प्रभावित किया

पहले मिनट में ही कोरिया को कॉर्नर मिल गया था। लेकिन कोरियाई खिलाड़ी के हेडर को उरुग्वे के गोलकीपर ने रोक लिया था। पहले दस, ग्यारह मिनट तक दक्षिण कोरिया ने अपनी गति और फूर्ति से उरुग्वे को पछाड़ दिया था। कोरिया के तेज आक्रमण को रोकने के लिए उरुग्वे के खिलाड़ियों ने कुछ समय तक अपने ही हाफ में छोटे छोटे पास दे कर टाइम पास किया। 21 वें मिनट में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ जबर्दस्त मूव बनाया। पेलिस्टरी ने 6 यार्ड बॉक्स में एक क्रॉस पास दिया। (6 यार्ड बॉक्स- गोल पोस्ट से 6 गज की दूरी पर एक आयताकार बॉक्स होता है जहां गोलकीपर गेंद को रख कर किक लेता है) इस पास को उनके साथी खिलाड़ी नूनेज को केवल टच करना था और गेंद गोल में चली जाती। लेकिन नूनेज ने दाएं पैर से शॉट लेने के चक्कर में कुछ सेकेंड की देर कर दी जिससे वे गेंद कलेक्ट नहीं कर पाये। अगर वे बाएं पैर से गेंद को केवल छू भर देते तो उरुग्वे के खाते में एक गोल आ जाता।

दोनों टीमों में कमिटमेंट की कमी

दोनों टीमों में कमिटमेंट की कमी

हाफ टाइम तक दोनों में से कोई टीम गोल नहीं कर पायी। गेंद पर कब्जे के मामले में दोनों टीमें बराबर रहीं। उरुग्वे को 3 कॉर्नर मिले जब कि दक्षिण कोरिया को 2 मिले। पहले हाफ में मुकाबला कांटे का रहा। हाफ टाइम के बाद भी दोनों टीमें मौके गंवाती रहीं। 64 वें मिनट में उरुग्वे ने अपने स्टार खिलाड़ी लुइस सुआरेज को रिप्लेस कर दिया। उनकी जगह कवानी खेलने के लिए आये। 85वें मिनट तक कोई टीम गोल करने की स्थिति में नहीं थीं। इनके कमिटमेंट में साफ कमी झलक रही थी। दोनों ही टीमों में कई नामी खिलाड़ी थे लेकिन वे अपने रुतबे के हिसाब से नहीं खेल सके। 90 तक स्कोर 0-0 ही रहा। इसके बाद 7 मिनट का इंजरी टाइम और जोड़ा गया। दक्षिण कोरिया की तरफ से बीयोम ने हमला किया लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट से बहुत ज्यादा बाहर चला गया। इसके बाद उरुग्वे ने अंतिम क्षणों में एक आक्रामण किया जिसे कोरियाऊ डिफेंडरों ने नाकाम कर दिया।

कोरिया को विश्वकप में पहले दो बार हरा चुका था उरुग्वे

कोरिया को विश्वकप में पहले दो बार हरा चुका था उरुग्वे

उरुग्वे दो बार (1930, 1950) का विश्व विजेता है। जब कि दक्षिण कोरिया 2002 में सेमीफाइनल तक पहुंचा था। उरुग्वे की फीफा वर्ल्ड रैंकिंग 14 और दक्षिण कोरिया की 28 है। इसके पहले उरुग्वे और दक्षिण कोरिया के बीच दो विश्वकप में मुकाबले हुए थे। 1990 के विश्वकप फुटबॉल में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया था। 2010 के विश्वकप मे उरुग्वे को दक्षिण कोरिया के खिलाफ 2-1 से जीत मिली थी। इसके अलावा नेहरू कप और मैत्री मैचों को मिला दिया जाए तो दोनों के बीच 7 मैच हुए थे जिसमें उरुग्वे ने 6 और दक्षिण कोरिया ने एक जीता था। 2018 के मैत्री मैच में दक्षिण कोरिया ने पहली बार उरुग्वे को 2-1 से हराया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+