महिला एशिया कप 2022 के सेमीफाइनल में पहुंच फिलिपिंस ने रचा इतिहास, चीन पीआर की उम्मीदें भी बरकरार

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में खेले जा रहे एएफसी विमेंश एशिया कप फुटबॉल टूर्नामेंट में रविवार को दो क्वार्टरफाइनल मैच का आयोजन किया गया जिसमें फिलीपींस की टीम ने पेनाल्टी शूटआउट के आधार पर चाइनीज ताइपे को 4-3 से हराकर इतिहास रच दिया। एक्स्ट्रा टाइम में मिली इस जीत के फिलिपिंस की टीम ने न सिर्फ एएफसी विमेंस एशियन कप इंडिया 2022 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया बल्कि फीफा महिला विश्वकप के लिये भी क्वालिफाई कर लिया है। उल्लेखनीय है कि फिलिपिंस की टीम इस जीत के साथ दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए पहला देश बन गया है, जिसने एएफसी विमेंस एशियन कप के सेमीफाइनल और महिला विश्वकप के लिये क्वालिफाई करने का कारनामा किया है।
अब सेमीफाइनल मैच में फिलिपींस का सामना कोरिया से गुरुवार को होगा। उधर, फीफा विश्व कप खेलने की चाइनीज ताइपे की उम्मीदें इस बात पर कायम होगी कि वह तीन टीमों के प्लेऑफ में कैसा खेल दिखाता है, जिसमें से राउंड रोबिन प्रतियोगिता के टॉप में आने वाली विश्व कप खेलेगी और बाकी दो टीमें इंटर-कंफेडरेशन प्लेऑफ में खेलेंगी।
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वहीं नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गये दूसरे क्वार्टरफाइनल मैच में चाइना पीआर की टीम ने वियतनाम को 3-1 से रौंदकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है और नौंवी बार एफसी विमेंस एशियन कप के खिताब को जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा है। शुआंग वांग, फॉरवर्ड शेनशेन वांग और तांग जियाली आठ बार की चैम्पियन चाइना पीआर के लिए स्टार खिलाड़ी रहीं। सेमीफाइनल में अब चाइना पीआर का सामना डिफेंडिंग चैंपियन जापान से होगा।
चाइना पीआर ने इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2023 में होने वाले फीफा महिला विश्व कप में भी अपनी जगह पक्की कर ली। इस बीच, वियतनाम अब प्लेऑफ के जरिए फीफा महिला विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा। स्टील रोजेज नाम से मशहूर चाइना पीआर ने अपने ग्रुप चरण के मैचों में एक भी गोल नहीं खाया था और टीम ने सभी मैच जीते थे। वहीं, वियतनाम सेमीफाइनल में पहुंचकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2023 में होने वाले फीफा महिला विश्व कप के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रचने के करीब था।
गौरतलब है कि चाइनीज ताइपे और फिलीपींस की टीमों के बीच के मुकाबले के दौरान पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ और दोनों ही टीमों ने कुछ अच्छे मौके गंवाए। जिसके बाद फिलीपींस की टीम ने क्वीनले क्वेजादा के दम पर 49वें मिनट में बढ़त हासिल की। ऐसा लग रहा था कि मैच इसी स्कोर पर समाप्त होगा और फिलिपींस सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा लेकिन 82वें मिनट में झुओ लि पिंग ने 25 गज दूर से एक झन्नाटेदार किक पर गोल करते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया। निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 रहा।
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इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में खेल हुआ। शुरुआती 15 मिनट भी गोलरहित रहा और फिर एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे चरण में भी गोल नहीं हुआ। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से किया जाना था, जिसमें फिलीपींस ने 4-3 से बाजी मारते हुए अपने लिए इस मैच को कभी नहीं भूलने वाला बना दिया।
आपको बता दें कि चाइना पीआर और वियतनाम के बीच खेले गये मैच में स्टील रोजेज की टीम शुरुआत से दबाव बनाती नजर आयी, लेकिन बॉल पजेशन में पीछे रहने बावजूद, वियतनाम ने 11वें मिनट में गोल करने का पहला मौका बनाया। मिडफील्डर टूयेत डुंग थि एनगयेन ने गोलकीपर यू झू की बायीं ओर से बॉल को नेट में पहुंचाकर टीम का खाता खोल दिया। आठ बार की चैंपियन ने 25वें मिनट में इसका जवाब दिया और वांग शुआंग ने गोल करके टीम को बराबरी दिलाई। इसके बाद वियतनाम की टीम एक भी गोल नहीं कर सकी।
चाइना पीआर के लिये दूसरे हाफ में फॉरवर्ड वांग शेनशेन ने 52वें मिनट में के गोल करके बढ़त दिलायी तो वहीं पर एक मिनट बाद ही तांग ने वियतनाम की डिफेंस में सेंध लगाते हुए स्कोर को 3-1 कर दिया। 88 वें मिनट में ली मेंग्वेन बॉल को हैंड टच कर बैठीं और वियतनाम को पेनल्टी मिल गई। लेकिन गुयेन थि बिच थूय इस पर गोल दागने से चूक गई और बॉल बार से टकराकर ऊपर चला गया। इस जीत के बाद चाइना पीआर ने खिताब जीतने की अपनी उम्मीदों को कायम रखा है।












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