युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का हुआ तलाक, फैमिली कोर्ट ने दिया आदेश, करोड़ों रुपये की मिली एलिमनी
Yuzvendra Chahal and Dhanashree Verma Divorce: भारतीय टीम के क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा का तलाक हो गया है। आज बांद्रा फैमिली कोर्ट में प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए फैसला सुना दिया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से फैमिली कोर्ट को 20 मार्च तक फैसला सुनाने का आदेश दिया गया था।
ANI के अनुसार चहल के वकील नितिन गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। कुछ वीडियो भी सामने आए थे, इनमें चहल को कोर्ट में जाते हुए देखा गया था। उनके अलावा धनश्री वर्मा भी शायद अपनी मां के साथ कोर्ट में आई थीं। चहल की तरफ से एक बड़ा अमाउंट धनश्री को एलिमनी के तौर पर मिला है।

काफी समय से इन दोनों के बीच तलाक और अनबन की खबरें चल रही थीं लेकिन पुष्टि कहीं से नहीं हुई थी। अब मामला साफ़ हुआ है। 4 करोड़ 75 लाख रुपये की धन राशि के साथ तलाक हुआ है। युजवेंद्र चहल की आईपीएल मनी में से 25 से ज्यादा प्रतिशत हिस्सा धनश्री को चला गया। इस साल उनको 18 करोड़ में साइन किया गया था। चहल पंजाब किंग्स के लिए खेलेंगे।
हाईकोर्ट ने दिया दखल
तलाक के लिए आवेदन के बाद छह माह का कूलिंग ऑफ़ पीरियड कोर्ट देता है। चहल और धनश्री ने इस टाइम को खत्म कर जल्दी तलाक के लिए हाई कोर्ट से कहा था। इस पर कोर्ट ने उनकी बात मान ली और फैमिली कोर्ट को फैसला सुनाने का आदेश दिया था, अब फैमिली कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों के तलाक का ऑर्डर दे दिया।
चार साल पहले हुई थी शादी
उल्लेखनीय है कि युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा की शादी 22 दिसम्बर 2020 को गुडगाँव में हुई थी, करीबी लोगों के अलावा ज्यादा आदमी इस शादी में शामिल नहीं हुए थे। चार साल शादी के बाद तलाक हो गया। इसमें भी यह कहा गया है कि ढाई साल से ये दोनों अलग रहते थे, इसके बाद तलाक के लिए आवेदन किया गया।
हिन्दू मैरिज एक्ट की धारा 13
हिन्दू मैरिज एक्ट में धारा 13 के आधार पर अगर पति-पत्नी के बीच किसी विवाद या अन्य कारणों से साथ रहने की गुंजाइश नहीं होती है, तो एक साल अलग रहने के लिए कहा जाता है। बाद में छह माह का कूलिंग ऑफ़ पीरियड होता है, इसमें रिश्ता बचने की संभावना देखी जाती है। बाद में तलाक होता है। चहल और धनश्री ढाई साल से अलग रहते थे। बाद में छह माह का कूलिंग ऑफ़ पीरियड का समय आया तो दोनों ने हाईकोर्ट में जाकर याचिका लगाई और तुंरत तलाक के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसे स्वीकार कर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को 20 मार्च के दिन फैसला सुनाने का आदेश दे दिया।












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