विवाद के बीच रिद्धिमान साहा के समर्थन में उतरे हरभजन-आरपी सिंह, बीसीसीआई से की खास अपील
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच 24 फरवरी से खेली जाने वाली द्विपक्षीय सीरीज को लेकर शनिवार को टेस्ट और टी20 टीम का ऐलान किया गया है, जिसके बाद से ही खेल जगत में तहलका मचा हुआ है। भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रिद्धिमान साहा जैसे सीनियर प्लेयर्स को आराम दिया है, जिस पर बात करते हुए मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने साफ किया है कि खिलाड़ियों को इस बारे में पहले ही बता दिया गया था कि उन्हें इस सीरीज के लिये चुना नहीं जायेगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जायेगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उनके लिये टीम के दरवाजे बंद हो गये हैं, उन्हें वापस आने के लिये रन बनाने होंगे और वो फिर से वापसी कर सकते हैं।

इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया में छपे रिद्धिमान साहा के एक इंटरव्यू ने तहलका मचा दिया है, जिसमें उन्होंने राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाले टीम मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने इस खिलाड़ी को संन्यास लेने के बारे में सोचने की सलाह दी है तो वहीं पर चयनकर्ताओं ने कहा है कि उनका टीम में वापसी का रास्ता बंद हो गया है।
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साहा ने लीक की थी पत्रकार के साथ व्हाटसएप चैट
इंटरव्यू के दौरान साहा ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर भी निशाना साधा है जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी मैच जिताऊ पारी के बाद न सिर्फ उन्हें बधाई दी थी बल्कि यह कहा था कि जब तक वो अध्यक्ष हैं तब तक उनका बाल भी बांका नहीं हो सकता। उन्हें अपनी जगह को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। अभी साहा के इस इंटरव्यू की वजह से बवाल थमा नहीं था कि भारतीय टीम के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ व्हाटसएप चैट के स्क्रीनशॉट शेयर किये हैं जिसमें एक पत्रकार उन्हें धमकाता नजर आ रहा है। साहा ने यह स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा कि भारतीय क्रिकेट में इतना योगदान देने के बाद एक बड़े सम्मानित पत्रकार की ओर से मुझे इस तरह के बर्ताव का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकारिता का स्तर इस कदर नीचे गिर चुका है।

साहा के समर्थन में आये दिग्गज क्रिकेटर्स
साहा की ओर से व्हाटस एप चैट शेयर करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कई दिग्गजों ने उनके समर्थन में अपना बयान दिया है और पत्रकार पर निशाना साधा है। ऐसा करने वालों में सबसे पहला नाम पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग का है जिन्होंने पत्रकार के बर्ताव को पागलपन भरा बताया है।
सहवाग ने ट्विटर पर लिखा,' बेहद दुखद, इस तरह के बर्ताव के बाद वह पत्रकार कहलाने का हकदार नहीं है, यह आदमी न तो पत्रकार है और न ही इज्जतदार है। सिर्फ चमचागिरी। आपके साथ खड़ा हूं रिद्धी।'

हरभजन ने की बीसीसीआई से खास अपील
वहीं भारतीय टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी साहा को अपना समर्थन दिया है और उनसे उस पत्रकार की पहचान उजागर करने की बात कही है। हरभजन ने बीसीसीआई से ऐसे मामलों में खिलाड़ियों की सुरक्षा करने की भी अपील की है।
उन्होंने लिखा,'रिद्धी बस आप उस आप उस पत्रकार का नाम बताओ, ताकि खेल जगत को पता चल सके कि कौन इस तरह से काम कर रहा है। वरना जो सच में अच्छा काम कर रहे हैं वो भी शक के दायरे में आ जायेंगे। किस तरह की पत्रकारिता है यह।' हरभजन ने अपने ट्वीट में बीसीसीआई, जय शाह, सौरव गांगुली और ठाकुर अरुण सिंह से खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

आरपी सिंह ने सूत्रों के हवाले वाली पत्रकारिता का भी किया खंडन
आरपी सिंह ने भी साहा के लिये अपना समर्थन देते हुए इस तरह की एप्रोच का खंडन किया है और खिलाड़ियों के लिये खतरा बताया है। आरपी सिंह ने इस दौरान सूत्रों के हवाले से खबर लिखने वाले पत्रकारों को भी लताड़ने का काम किया और उन्हें सामने आकर नाम बताने का चैलेंज दिया है।
उन्होंने कहा,'जब भी हम बीसीसीआई या क्रिकेटर्स को लेकर खबर पढ़ते हैं तो पत्रकारों की ओर से बहुत सारे सूत्रों के इस्तेमाल को सुनते हैं। क्या एक भी सूत्र मुझे यह बता सकता है कि यह तथाकथित सम्मानित पत्रकार कौन है जो साहा को धमकी दे रहा है।'

साहा के रणजी नहीं खेलने का मुझे नहीं पता
इस बीच भारतीय चयनकर्ताओं ने साहा को श्रीलंका के खिलाफ टीम में जगह नहीं देने पर अपनी सफाई दी है और कहा है कि इस सेलेक्शन से उम्र का कोई ताल्लुक नहीं है और हम इसे बहुत ज्यादा महत्व नहीं देते हैं। चेतन शर्मा ने आगे कहा कि साहा को किस आधार पर टीम से बाहर किया गया है हम उस बारे में आपको नहीं बता सकते हैं लेकिन हर टीम में एक समय आता है जब आप लंबे समय तक नहीं खेलते हैं तो युवाओं के बारे में सोचने लगते हैं। इसके साथ ही मुझे नहीं पता कि साहा रणजी ट्रॉफी में क्यों नहीं खेल रहे हैं, वह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यहां पर राज्य के संघ को देखना चाहिये।












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