World Cup Throwback: फाइनल मैच में टॉस के लिए दो बार उछाला गया था सिक्का, जानिए आखिर क्यों हुआ ऐसा
World Cup Throwback: 12 साल बाद एक बार फिर भारत में वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन किया जा रहा है। वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम बेहद मजबूत दिखाई पड़ रही है। भारत ने इस साल एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले भारत में साल 2011 के दौरान वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2011 में ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था।
कपिल देव ने दिलाई थी पहली ट्रॉफी: साल 2007 में पहली बार धोनी की कप्तानी में भारत को टी-20 वर्ल्ड कप में जीत नसीब हुई थी। भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए टीम को एक यादगार जीत दिलाई। सबसे पहले साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था। भारत के पास एक बार फिर अपने घर पर इतिहास दोहराने का मौका होगा। 12 साल बाद रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीतना चाहेगी। भारत ने वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम का ऐलान भी कर दिया है।

संगाकारा ने किया बड़ा खुलासा: फाइनल मैच में एक अजीब घटना घटी इस मुकाबले में एक नहीं बल्कि दो बार टॉस किया गया। श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा ने खुद इस बात का खुलासा अश्विन के साथ एक लाइव चैट के दौरान किया था। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों इस फाइनल मैच में एक नहीं बल्कि दो बार टॉस फेंका गया। संगाकारा के मुताबिक भीड़ की वजह से वहां दो बार टॉस करना पड़ा था।
2011 फाइनल में दो बार हुआ था टॉस: संगाकारा ने कहा कि लोगों की भीड़ के कारण दो बार टॉस किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में मैंने इस तरह का माहौल कभी नहीं देखा था लेकिन भारत में लोगों की संख्या मैच देखने के लिए इस कदर उमड़ी हुई थी कि टॉस के दौरान कप्तानों की आवाज एक दूसरे के पास नहीं आ रही थी पहली बार टॉस होने पर महेंद्र सिंह धोनी कंफ्यूज थे जिस कारण मैच रफी ने दोबारा टॉस कराने का फैसला किया।
भारत ने जीता मैच: साल 2011 में भारत और श्रीलंका के बीच वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। भारत ने फाइनल मुकाबले में श्रीलका को 6 विकेट से हराकर वर्ल्ड कप चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।












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