Who is Sakib Hussain: कौन हैं साकिब हुसैन? बिहार का वो लाल, जिसने गरीबी को मात देकर IPL में गाड़े झंडे
Who is Sakib Hussain: आईपीएल 2026 (IPL 2026) के 21वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की 57 रनों की धमाकेदार जीत के सबसे बड़े हीरो साकिब हुसैन रहे। बिहार के इस 21 वर्षीय तेज गेंदबाज ने अपने डेब्यू मैच में ही ऐसी रफ्तार दिखाई कि राजस्थान के रॉयल्स धराशायी हो गए। साकिब ने धारदार गेंदबाजी से अपनी टीम को जीत दिलाई। इसके साथ ही आईपीएल इतिहास के पन्नों में अपना नाम भी दर्ज करा लिया।
डेब्यू मैच में ही साकिब हुसैन ने रचा इतिहास (Who is Sakib Hussain)
राजस्थान के खिलाफ साकिब हुसैन सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों में महज 24 रन देकर 4 अहम विकेट झटके। उन्होंने यशस्वी जायसवाल (1), खतरनाक दिख रहे डोनोवन फरेरा (69), जोफ्रा आर्चर (2) और रवि बिश्नोई (0) को पवेलियन भेजा। साकिब अब आईपीएल डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार (2025 में 24/4 बनाम KKR) के रिकॉर्ड की बराबरी की।

पिछले साल केकेआर का हिस्सा थे साकिब
साकिब की प्रतिभा को सबसे पहले साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने पहचाना था। लेकिन हर्षित राणा और वैभव अरोड़ा जैसे अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी के कारण उन्हें पूरा सीजन बेंच पर ही बिताना पड़ा। अगले सीजन में KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। आईपीएल 2026 की मिनी ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने साकिब की काबिलियत पर भरोसा जताया और उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा। कप्तान ईशान किशन ने उन्हें राजस्थान के खिलाफ मौका दिया और साकिब ने इसे दोनों हाथों से लपका।
कौन हैं साकिब हुसैन
14 दिसंबर 2004 को बिहार में जन्मे साकिब ने क्रिकेट की बारीकियां अपने राज्य के लिए खेलते हुए सीखीं। उन्होंने 2022-23 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में आंध्र प्रदेश के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था। साकिब ने रणजी ट्रॉफी 2024-25 में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया। अब तक वे 6 मैचों में 16 विकेट ले चुके हैं। साकिब का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके लिए क्रिकेट का सफर कभी भी आसान नहीं था। एक वक्त ऐसा था जब साकिब के पास प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी 'स्पाइक्स' यानी कीलों वाले जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे। इन जूतों की कीमत करीब 10 से 15 हजार रुपये थी, जो उस समय उनके परिवार के बजट से कोसों दूर थी।
मां ने बेच दिए थे गहने
साकिब ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर वे उन पैसों से जूते खरीदते तो घर में खाने के लाले पड़ जाते। बेटे की आंखों में क्रिकेट के प्रति जुनून और जूतों की कमी के कारण उसके आंसू देखकर एक मां का दिल पसीज गया। साकिब के सपने टूटने न पाएं, इसलिए उनकी मां ने अपने गहने बेच दिए ताकि साकिब के पैरों में वो जूते आ सकें जो उन्हें सफलता की दौड़ में शामिल कर सकें।












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