मुंबई इंडियंस में कौन है रोहित शर्मा का दुश्मन? सामने आया हिटमैन को किनारे लगाने वाला शख्स
Rohit Sharma: जिस तरह का बर्ताव इस आईपीएल में रोहित शर्मा के साथ हो रहा है, वैसा तो किसी के साथ देखने को नहीं मिला है। रोहित शर्मा को प्लेइंग इलेवन में शामिल तक नहीं किया जा रहा है। घरेलू सरजमीं पर हुए पिछले मैच में आरसीबी के खिलाफ उनको इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में जगह मिली और वह 17 रन बनाकर आउट हो गए।
पांच बार के टाइटल विनर कप्तान रहे रोहित को मैदान पर देखने के लिए फैन्स आते हैं लेकिन उनको बैटिंग करने के अलावा सीधा डग आउट में देखा जाता है और फैन्स उनको टीवी स्क्रीन पर ही देखते हैं। ऐसा अन्य किसी पूर्व आईपीएल कप्तान के साथ नहीं हुआ। ताजा उदाहरण महेंद्र सिंह धोनी हैं।

रोहित शर्मा को पिछले साल से ही किनारे लगाना शुरू कर दिया गया था। हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाने के साथ ही उनको साइडलाइन करना शुरू कर दिया गया था। इस बार रिटेन करने का फैसला तो तब लिया गया था, जब रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को विनर बनाया था।
अगर वर्ल्ड कप नहीं आता, तो रोहित को शायद मुंबई इंडियंस से बाहर भी कर दिया जाता। एक दबाव फैन्स का भी था। हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाने पर मुंबई इंडियंस के फैन्स किस तरह भड़के थे, यह सभी ने देखा था। ऐसे में मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट यह नहीं चाहता था कि रोहित को लेकर कोई हंगामा हो।
Rohit Sharma को किसने किया बाहर
रोहित शर्मा को किनारे लगाने में महेला जयवर्धने का बड़ा हाथ है। कोच जयवर्धने की वजह से ही अब वह इम्पैक्ट प्लेयर खेल रहे हैं। हार्दिक पांड्या की तरफ से यह फैसला नहीं लिया जा रहा है। रोहित को कप्तानी से हटाने पर जयवर्धने ने कहा था कि कहीं न कहीं हमें ऐसा फैसला लेना ही पड़ता, यह जल्दी भी हो सकता था और देरी से भी हो सकता था। इससे पता चल गया कि रोहित की कप्तानी छीनने की राय उन्होंने ही दी थी।
कप्तानी बाहर से हो रही है
जयवर्धने ही मुंबई इंडियंस से जुड़े फैसले ले रहे हैं और ऐसा भी लग रहा है कि वह मैदान से बाहर कप्तानी कर रहे हैं। तिलक वर्मा को जब रिटायर आउट करने का फैसला लिया गया था, तो जयवर्धने ने ही मोर्चा संभाला हुआ था और सैंटनर को भेजा गया लेकिन फिर भी टीम को हार का सामना करना पड़ा था।
Rohit Sharma लीडरशिप ग्रुप से बाहर
टीम के खराब प्रदर्शन में जयवर्धने का दखल भी एक बड़ा कारण है। रोहित शर्मा को लीडरशिप ग्रुप में भी शामिल नहीं किया गया है। उनको मैदान पर कहीं नहीं देखा जाता है। हार्दिक पांड्या को इस बारे में सोचना चाहिए कि जिस कप्तान ने पांच बार टीम को टाइटल दिलाया हो, उसके अनुभव का मैदान पर कैसे उपयोग किया जाए। इंटरनेशनल क्रिकेट में भी रोहित ने लगातार दो टाइटल आईसीसी टाइटल जीते हैं।












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