जब मियांदाद को मोइन खान ने बैट से पीटा, शास्त्री जूता लेकर मारने दौड़े थे
जावेद मियांदाद कितना बदजुबान और बदतमीज है इसका एक किस्सा पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने सुनाया था। ऐसे ही एक झगड़े में मोइन खान ने मियांदाद को वहीं बैट से पीटना शुरू कर दिया था।

जावेद मियांदाद पूर्व क्रिकेटर हैं तो क्या हुआ, है तो कुख्यात आतंकी दाऊद इब्राहिम के समधी ही। कैसी बोली बोलेगा ? जाहिर है भारत के खिलाफ जहर ही उगलेगा। उस पर बदजुबान और बदतमीज होने का शुरू से आरोप लगता रहा है। कहा जाता है कि उसने पाकिस्तान क्रिकेट में धौंस जमाने के लिए ही मोस्ट वांटेड टेररिस्ट दाऊद इब्राहिम की बेटी से अपने बेटे की शादी करायी थी। दाऊद का समधी बनने के बाद उसकी हेकड़ी और बढ़ गयी थी। वह दाऊद के नाम पर बाकी क्रिकेटरों और अधिकारियों का धमकाता था। आज भी यह सिलसिला बदला नहीं है। दाऊद पाकिस्तान में सामनांतर सत्ता का केन्द्र है। सेना और पुलिस के कई बड़े अधिकारी उसके लिए काम करते हैं। शासन पर उसका दबदबा है। 2016 में जावेद मियांदाद के इशारे पर दाऊद इब्राहिम ने शाहिद आफरीदी को जान से मारने की धमकी दी थी।

दाऊद ने धमकाया था आफरीदी को
2016 में जावेद मियांदाद और शाहिद आफरीदी में खूब जुबानी जंग हुई थी। दोनों ने एक दूसरे पर पैसे का लालची होने का आरोप लगाया था। विवाद मैच फिक्सिंग तक पहुंच गया। तब दाऊद इब्राहिम ने आफरीदी को फोन कर नतीजा भुगतने की धमकी दी थी। उसने मियांदाद खिलाफ मुंह बंद रखने की हिदायत दी थी। मियांदाद ने आफरीदी पर मैच फिक्सिंग में शामिल होने का आरोप लगाया था। लेकिन जगजाहिर है कि दाऊद इब्राहिम ही मैच फिक्सिंग का सबसे बड़ा सरगना था और है। इस आरोप प्रत्यारोप से जब पाकिस्तान की फजीहत होने लगी तो इन दोनों में सुलह करा दी गयी थी। दाऊद की बेटी माहरूफ और मियांदाद के बेटे जुनैद की शादी 13 जुलाई 2005 को दुबई के एक होटल में हुई थी। इस शादी में सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किये गये थे कि परिंदा भी पर न मार सके।

दाऊद के समधी होने से प्रभावित हुआ क्रिकेट
2008 में मशहूर क्रिकेट सीमक्षक पीटर रिबॉक ने लिखा था, दाऊद और मियांदाद के रिश्ते से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंध बहुत प्रभावित हुआ है। 1996 के विश्वकप में जावेद ने भारत के खिलाफ जो मैच खेला था वह उसकी जिंदगी का आखिरी वनडे साबित हुआ। यह मैच बेंगलुरू के चिन्ना स्वामी स्टेडियम में खेला था जिसमें पाकिस्तान की हार हो गयी थी। जावेद 38 रनों पर रन आउट हो गया था। भारत ने पाकिस्तान को 39 रनों से हराया था। दो बातों का उसे बहुत मलाल था। एक तो पाकिस्तान विश्वकप में भारत से हार गया। दूसरा ये कि भारत के हाथों हार से उसके करियर का अंत हुआ। ये बात उसके दिल में हमेशा चुभती रहती है। इसलिए वह भारत के खिलाफ बोलते रहता है।

जब मोइन खान ने मियांदाद की बैट से की पिटाई
जावेद मियांदाद कितना बदजुबान और बदतमीज है इसका एक किस्सा पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने सुनाया था। 2015 में पाकिस्तान के एक टीवी कार्यक्रम में सरफराज ने एक सवाल के जवाब में बताया था, 1999 में शारजाह में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच मैच चल रहा था। वसीम अकरम कप्तान था और जावेद मियांदाद कोच। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन खालिद महमूद ड्रेसिंग रूम में मौजूद थे। मैच फिक्सिंग की अफवाहों से माहौल गर्म था। मियांदाद अचानक टीम के विकेटकीपर मोइन खान पर बरसने लगा। उसने मोइन को कहा, निकल जाओ कमरे से, अभी तुम आउट हो कर आओगे। इतना सुनना था कि मोइन खान ने मियांदाद को वहीं बैट से पीटना शुरू कर दिया। तब टीवी कार्यक्रम का एंकर इस खुलासे पर हैरान हो जाता है और पूछता है, क्या मोइन खान मियांदाद को बल्ला लेकर मारने लगे ? तो सरफराज नवाज ने जवाब दिया, हां ! इंटेलिजेंस के पास इस बात के सबूत हैं।

टीम की बगावत के बाद मियांदाद ने दिया था इस्तीफा
सरफराज आगे कहते हैं, वैसे ये बात पाकिस्तान के सारे अखबरों में भी आयी थी। बीच बचाव के बाद मोइन खान ने मियांदाद को छोड़ दिया लेकिन ये धमकी भी दी कि देखते हैं कि वह कैसे 1999 के विश्वकप में पाकिस्तान टीम के कोच रहता है। मियांदाद के इस रवैये से पूरी टीम भड़की हुई थी। सभी खिलाड़ियों ने बोर्ड के चेयरमैन खालिद महमूद से कहा, या तो मियांदाद रहेंगे या फिर ये टीम रहेगी। इस विवाद के बाद मियांदाद ने विश्वकप से पहले ही कोच पद से इस्तीफा दे दिया था।

भारत की रोमांचक जीत
भारत के पूर्व क्रिकेटर और कोच रवि शास्त्री ने अपनी किताब 'स्टारगेजिंग: द प्लेयर्स इन माई लाइफ' में एक वाकये का जिक्र किया है। 1987 में पाकिस्तान की टीम भारत के दौरे पर आयी थी। हैदराबाद में तीसरा वनडे खेला जा रहा था। भारत ने 44 ओवर में 6 विकेट पर 212 रन बनाये थे। रमन लांबा ने 41, रवि शास्त्री ने 69 और कपिल देव ने 59 रन बनाये थे। इमरान खान पाकिस्तान के कप्तान थे। मियांदाद भी टीम का हिस्सा था। पाकिस्तान ने भी 44 ओवर में 212 रन बनाये लेकिन उसके 7 विकट गिर गये थे। आज के नियमों के मुताबिक ये मैच टाई माना जाता और सुपर ओवर खेला जाता। लेकिन 1987 में यह नियम नहीं था। उस समय स्कोर टाई होने पर देखा जाता था कि किस टीम के कम विकट गिरे हैं उसे ही विजेता घोषित कर दिया जाता था। भारत के 6 विकेट ही गिरे थे उसलिए उसे विजयी माना गया।

जब शास्त्री जूता लेकर मियांदाद को मारने के लिए दौड़े
इस हार पर जावेद मियांदाद भड़क गया। वह चिल्लाते हुए भारतीय ड्रेसिंग रूम की तरफ आया और बोलने लगा, तुम लोग बेइमानी से जीते हो। मियांदाद की इस हरकत पर रवि शास्त्री आपे से बहर हो गये। उन्होंने अपने पैर से जूता निकाला और मियांदाद को मारने के लिए दौड़ पड़े। मियांदाद भाग रहा था और शास्त्री उसे दौड़ा रहे थे। मियांदाद भागते भागते पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम के पास पहुंचा तो शोर सुनकर इमरान खान बाहर निकले। उन्होंने बीच बचाव कर रवि शास्त्री को रोका।












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