Waqar Younis: 1992 की यादें साझा करके भावुक हुए वकार यूनुस, बताया क्यों खास था वो पल
Waqar Younis: इस विश्वकप में पाकिस्तान की टीम का सफर काफी अच्छा रहा है। शुरुआत में लगातार दो मैच हारने के बाद जिस तरह से पाकिस्तान ने वापसी की और सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर फाइल में अपनी जगह पक्की की उसके बाद पाकिस्तान की टीम की नजर विश्वकप को जीतने पर है। 1992 और 2022 के विश्वकप अभियान में पाकिस्तान के लिए कई समानताएं हैं। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर वकार यूनुस ने भी 1992 के विश्वकप की अपनी यादों को साझा किया है।

वकार यूनुस चोटिल होने की वजह से 1992 के विश्वकप से बाहर हो गए थे। वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे और एक भी मैच में खेल नहीं पाए थे। बावजूद इसके वकार यूनुस ने उस साल की याद को साझा करते हुए कहा कि मैं टीम के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाया था, लेकिन जब टीम विश्वकप जीतकर वापस आई तो मुझे टीम का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट आने का न्योता मिला था। मैं उस पल को कभी भी नहीं भूल सकता हूं। मैं टूर्नामेंट से वापस चोट की वजह से आ गया था, लेकिन बाद में जब हमारी टीम विश्वकप जीतकर लौटी तो मुझे वहां आने का न्योता दिया गया जोकि मेरे लिए हमेशा यादगार पाल रहेगा। मैंने कभी भी यह नहीं सोचा था कि मुझे बुलाया जाएगा।
वकार यूनुस ने कहा कि जब मैंने टीम को एयरपोर्ट पर आते देखा तो मैं काफी भावुक हो गया था, मेरी आंखों में आंसू थे। मैंने जब वसीम अकरम को देखा और उनके हाथ में ट्रॉफी देखी उनके साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी थे, मैं काफी भावुक हो गया था। मैं जब वहां गया तो मुझे अभी भी याद है कि उस वक्त चीजें काफी आसान थीं, उन लोगों ने एयरपोर्ट के दरवाजे रनवे तक खोल दिए थे। मैं सीढ़ियों पर प्रधानमंत्री के साथ खड़ा था। उसके बाद वसीम अकरम ट्रॉफी के साथ बाहर आए। उस वक्त तक मैं ठीक था, लेकिन जब मैंने उन्हें बाहर आते देखा तो मैं खुद को रोक नहीं सका। मैं सच में वहां बैठ गया, मेरे पैर कांप रहे थे, मैं उस बड़े टूर्नामेंट में नहीं खेल पाया, लेकिन जिस तरह से उन लोगों ने मुझे सम्मान दिया और जीत की गाड़ी में मुझे शामिल किया, वह मेरे लिए यादगार पल हैं।












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