'इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा उसका नाम', सहवाग ने बताया कौन खेलेगा भारत के लिये 100 टेस्ट मैच
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट इतिहास में अब तक बेहद कुछ ही खिलाड़ियों ने यह कारनामा किया है जिन्होंने भारतीय टीम के लिये 100 टेस्ट मैचों में शिरकत की है। भारत के सबसे महान कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन भी इस कारनामे को करने में नाकाम रहे हैं। किसी भारतीय क्रिकेटर के लिये 100 टेस्ट मैच खेल पाना कितनी बड़ी उपलब्धि है, यह इस बात से मालूम होता है कि इस लिस्ट में सबसे नया विराट कोहली का जुड़ा है। विराट कोहली ने बेंगलुरू में खेले गये टेस्ट मैच के साथ ही भारत के लिये 100 टेस्ट मैच खेलने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में अपना नाम शुमार कर लिया है।

भारत के लिये 100 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो इसमें कपिल देव, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह, वीरेंदर सहवाग और विराट कोहली का नाम शामिल है। भारत के लिये 100 टेस्ट मैच खेलने वाले वीरेंदर सहवाग ने इस फेहरिस्त में शामिल होने वाले अगले भारतीय खिलाड़ी के नाम को लेकर भविष्यवाणी की है और बताया है कि वो इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवायेगा।
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100 टेस्ट मैच खेल सकते हैं ऋषभ पंत
वीरेंदर सहवाग का मानना है कि भारत के 24 वर्षीय युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत में वो दम खम है जो उन्हें 100 टेस्ट मैच खेलने का दावेदार बनाता है। ऋषभ पंत ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत विस्फोटक अंदाज में की है और अब तक 30 मैच खेल चुके हैं। सहवाग का मानना है कि ऋषभ पंत अगर खुद को थोड़ा सा तंदरुस्त रखते हैं तो वो अपना नाम भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार कर लेंगे।

इस वजह से कोहली देते हैं टेस्ट पर जोर
स्पोर्टस 18 के शो होम ऑफ हीरोज में बात करते हुए सहवाग ने कहा,'अगर वो भारत के लिये 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेल लेते हैं वो अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लेंगे। अब तक सिर्फ 11 भारतीय खिलाड़ियों ने ही यह कारनामा किया है और हर किसी को वो 11 नाम याद हैं। विराट कोहली हमेशा टेस्ट क्रिकेट खेलने पर जोर क्यों देते हैं, क्योंकि उन्हें पता था कि अगर वो 100-150 या 200 टेस्ट मैच खेल लेते हैं तो अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लेंगे।'

4 साल में खेल चुके हैं कई ऐतिहासिक पारी
ऋषभ पंत अभी 25 साल के भी नही हुए हैं और अभी कम से कम 10 साल तक लगातार भारत के लिये खेल सकते हैं और ऐसे में कोई दूसरा कारण नजर नहीं आता है जिसे देखकर यह कहा जा सके कि वो इस मील के पत्थर को हासिल नहीं कर सकेंगे। पंत ने अपने 4 साल के टेस्ट करियर के दौरान पहले ही कई ऐतिहासिक पारियां खेलकर सुनहरे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे पर ही ऋषभ पंत ने शतकीय पारियां खेली और 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दो अहम मैचों में दो बेहतरीन पारी खेल भारत को 2-1 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अब तक शानदार रहा है पंत का करियर
गौरतलब है कि सिडनी में खेले गये टेस्ट मैच के दौरान भारतीय टीम टेस्ट मैच बचाने के लिये खेल रही थी लेकिन ऋषभ पंत ने काउंटर अटैक करते हुए 97 रनों की पारी खेल डाली और मैच का रुख बदल कर वहां पर कर दिया जहां पर वो जीत की तरफ जाती नजर आ रही थी। हालांकि उनके आउट होने के बाद मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ। लेकिन जब गाबा में एक बार फिर से भारतीय टीम उसी परिस्थिति में पहुंची तो पंत ने नाबाद 89 रनों की पारी खेलकर भारत को 2-1 से सीरीज जिता दी। भारत के लिये ऋषभ पंत ने अब तक 30 टेस्ट मैच खेलकर 40.85 की औसत से 1920 रन बनाये हैं, जिसमें उन्होंने 4 शतक और 9 अर्धशतकीय पारियां खेली हैं।












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