IPL के डेब्यू में विराट कोहली सिर्फ 1 रन पर हो गए थे, जानिए किस गेंदबाज ने लिया था उनका विकेट?
IPL के डेब्यू में विराट कोहली सिर्फ 1 रन पर हो गए थे। उन्हें तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने बोल्ड किया था। विराट कोहली ने अपना आईपीएल डेब्यू 2008 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ किया था।

IPL 2023 Virat Kohali : विराट कोहली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में एक हैं। 75 अंतर्राष्ट्रीय शतक उनकी श्रेष्ठता के प्रमाण हैं। लेकिन यह जानना दिलचस्प होगा कि विराट कोहली का आइपीएल डेब्यू कैसा रहा था ? आइपीएल की पहली पारी में उनका प्रदर्शन कैसा रहा था ? उस समय क्रिकेट की दुनिया में उनका क्या स्थान था ?
2008 में IPL की शुरुआत, जूनियर वर्ल्डकप का असर
2008 में विराट कोहली जूनियर टीम का हिस्सा थे। उनकी कप्तानी में भारत ने 2008 में अंडर-19 विश्वकप जीता था। इस जीत से विराट कोहली का बहुत नाम हुआ। उभरते हुए बल्लेबाज के रूप में उनकी चर्चा होने लगी। 2008 में ही आइपीएल प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी। इस पहली प्रतियोगिता के लिए प्रथम चरण की नीलामी 20 फरवरी को हुई थी जिसमें 8 फ्रैंचाइजी ने अपनी पसंद और प्राथमिकता के हिसाब से बोली लगायी थी। दूसरे चरण की नीलामी 11 मार्च 2008 को हुई थी। इसी दरम्यान मलेशिया में अंडर-19 विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता भी चल रही थी। 2 मार्च 2008 को जूनियर विश्वकप का फाइनल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुआ। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली थे। इस टीम में रवीन्द्र जडेजा भी थे। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ लुइस नियम के आधार पर 12 रनों से हरा कर विश्वकप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। भारत के चैम्पियन बनने के बाद विराट कोहली समेत पूरी जूनियर टीम का सितारा बुलंद हो गया।
कोहली का यूं हुआ IPL में प्रवेश
जूनियर क्रिकेट टीम के विश्व चैम्पियन बनने के बाद आइपीएल के टीम मालिकों की इनमें दिलचस्पी बढ़ गयी। जब 11 मार्च को दूसरे चरण की नीलामी शुरू हुई तो इनकी किस्मत के दरवाजे खुल गये। इनके प्रति इस हद तक आकर्षण था कि अलग-अलग फ्रेंचाइजी ने इस टीम के 15 खिलाड़ियों को खरीद लिया। विराट कोहली टीम के कप्तान थे, उन्हें रॉयल चैलैंजर्स बेंगलुरु ने 12 लाख रुपये में खरीदा। इस टीम के 15 में से अधिकतर खिलाड़ियों को इतनी ही रकम मिली थी। 2008 के पहले सीजन में राहुल द्रविड़ को बेंगलुरु का कप्तान बनाया गया था। न्यूजीलैंड के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मार्टिन क्रो कोच थे। तब कोहली की बस इतना पहचान थी कि वे जूनियर विश्वकप विजेता टीम के कप्तान हैं और अब आरसीबी का हिस्सा हैं। तब कोहली की उम्र 19-20 साल थी। टेस्ट अभी दूर की कोड़ी थी। वनडे भी नहीं खेला था।
ना टेस्ट, ना वनडे, ना टी-20, पहले IPL
विराट कोहली ने न तो टेस्ट खेला था, ना वनडे और ना टी-20 इंटरनेशनल, फिर भी आरसीबी ने अपने पहले मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह दी थी। 18 अप्रैल 2008 को भारत में क्रिकेट के नये युग की शुरुआत हुई। आइपीएल पूरे विश्व में क्रिकेट की एक अनोखी प्रतियोगिता थी। इसमें क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ पैसा और मनोरंजन भी था। बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में बेंगलुरू और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच पहले आइपीएल का उद्घाटन मैच हुआ। कोलकाता ने पहले बैटिंग की। उद्घाटन मैच में ही कोलकाता के ब्रैंडन मैकुलम ने इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 73 गेंदों पर नाबाद 158 रनों की पारी खेली। उन्होंने बेंगलुरु की गेंदबाजी को अकेले ही तहस नहस कर दिया। मैकुलम ने पहले 50 रन 32 गेंदों पर दूसरे 50 रन 21 गेंदों पर और तीसरे 50 रन सिर्फ 17 गेंदों पर बनाये।
IPL के डेब्यू मैच में कोहली ने बनाये थे 1 रन
कोलकाता ने मैकुलम की विस्फोटक पारी के दम पर 20 ओवर में 3 विकेट पर 222 रन बनाये। आइपीएल का उद्घाटन ही 200 प्लस स्कोर से हुआ था। इतने बड़े स्कोर को देख कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम दबाव में आ गयी। सलामी जोड़ी बिल्कुल नहीं चली। कप्तान राहुल द्रविड़ 2 और वसीम जाफर 6 रना कर आउट हो गये। वन डाउन विराट कोहली क्रीज पर उतरे। इस मुश्किल स्थिति में टीम को विराट कोहली से बहुत उम्मीदें थी। प्रतिभा के कारण ही उनके जैसे अनकैप प्लेयर को टीम में तीसरे सम्बर का बल्लेबाज बनाया गया था। कोहली ने हालात को समझने के लिए चार गेंदें खेंलीं और 1 रन बनाया। पांचवीं गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गये। तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने उन्हें अपना शिकार बनाया। इस तरह कोहली ने आइपीएल के डेब्यू मैच में सिर्फ 1 रन बनाये। शीर्ष क्रम के असफल होने के कारण आरसीबी की पारी बालू की भेत की तरह ढह गयी। पूरी टीम 15.1 ओवर में ही सिर्फ 82 पर ढेर हो गयी। कोलकाता ने 140 रन के विशाल अंतर से यह मैच जीता था।












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