Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

हम सुन्न थे, कोहली के पिता का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ था, दिल्ली के साथी ने किया खुलासा

नई दिल्ली, 1 मार्च: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली से जुड़ा साल 2006 का किस्सा सभी लोग जानते हैं। तब विराट कोहली दिल्ली की टीम के लिए रणजी ट्रॉफी गेम में सक्रिय थे और उसी दौरान उनको अपने पिता के देहांत की खबर मिली। विराट कोहली ने यह खबर सुनने के बावजूद अपने खेल को जारी रखा और अपनी टीम को बड़ी नाजुक स्थिति उसे बचाकर अंत में मुकाबले को ड्रा भी कराया। आज भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गज कोहली के उस जज्बे की सराहना करते थकते नहीं है तो वहीं युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक प्रेरणा का काम करता है।

2006 की वो सुबह-

2006 की वो सुबह-

विराट कोहली के साथ उस मैच में पुनीत बिष्ट नाम के एक खिलाड़ी भी थे जो आज 35 साल के हो चुके हैं और मेघालय की ओर से खेलते हैं। वे तब विराट कोहली की पूर्व रणजी टीम के साथ ही थे और उन्होंने 2006 की उस सुबह को याद करते हुए विराट कोहली के करियर का सबसे मुश्किल दिन बताया है। पुनीत तब 19 साल के थे और विराट कोहली 17 साल के ही थे। मैच में दिल्ली की टीम रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक के खिलाफ खेल रही थी और उसने पहली पारी में शुरुआत काफी खराब की थी। कोहली ड्रेसिंग रूम में बैठे हुए यह मुकाबला देख रहे थे, सभी की आंखें विराट पर जमी हुई थी क्योंकि दिल्ली की टीम का बेड़ा पार लगाने के लिए विराट से उम्मीदें थी।

पिता को कुछ घंटे पहले ही खो चुके थे-

पिता को कुछ घंटे पहले ही खो चुके थे-

दूसरी ओर, कोहली अपने पिता को कुछ घंटे पहले ही खो चुके थे जिनको ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। पीटीआई से बात करते हुए उस टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज रहे पुनीत बताते हैं, "आज भी मैं यह सोचता हूं कि विराट कोहली के अंदर ऐसी कौन सी ताकत आ गई थी। हम सब उनके दुख पर सुन्न हो चुके थे, लेकिन वह ड्रेसिंग रूम में खड़े थे और बल्लेबाजी करने के लिए बिल्कुल तैयार थी।"

कोच-कप्तान ने कोहली से घर जाने का अनुरोध भी किया

कोच-कप्तान ने कोहली से घर जाने का अनुरोध भी किया

पुनीत बताते हैं कि विराट कोहली के पिता का अंतिम संस्कार भी तब नहीं किया गया था लेकिन विराट कोहली अपनी टीम को नाजुक स्थिति में छोड़ना नहीं चाहते थे इसीलिए अपने घर नहीं जा रहे थे क्योंकि दिल्ली की टीम की हालत अच्छी नहीं थी। यहां तक कि दिल्ली की टीम के कप्तान मिथुन मन्हास और कोच चेतन चौहान ने कोहली से घर जाने का अनुरोध भी किया क्योंकि इतने छोटे बच्चे को ऐसे हालात में मैदान पर भेजने का मतलब होगा, उसकी मानसिक हालत से खिलवाड़ करना।

पुनीत के साथ मिलकर मैच बचाने वाली साझेदारी कर डाली-

पुनीत के साथ मिलकर मैच बचाने वाली साझेदारी कर डाली-

पुनीत कहते हैं कि आप मेरा यकीन मानिए टीम में कोई भी नहीं चाहता था कि विराट कोहली इस समय खेले। सब चाहते थे कि वे अपने परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में समय बिताएं लेकिन विराट कोहली अलग ही मिट्टी के इंसान हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि विराट कोहली ने उस मुकाबले में पुनीत के साथ मिलकर 152 रनों की जबरदस्त साझेदारी निभाई थी जिसमें कोहली ने 238 गेंदों पर 90 रनों की पारी खेली थी और पुनीत ने 283 गेंदों पर 156 रनों की पारी खेली थी और दिल्ली की टीम भले ही पहली पारी में लीड लेने में नाकामयाब रही लेकिन उसने इस मुकाबले को ड्रॉ कराने में कामयाबी जरूर हासिल की।

उस दिन केवल ये कहा- 'लंबा खेलना है आउट नहीं होना है'

उस दिन केवल ये कहा- 'लंबा खेलना है आउट नहीं होना है'

पुनीत विराट कोहली के उस दिन के रूप पर हैरान है। वे कहते हैं कि विराट कोहली कुछ घंटों के लिए अलग ही जोन में चले गए थे। ऐसे लगता है कि उनको कोई भी दुख दर्द महसूस नहीं हो रहा था और उन्होंने उस दौरान जो दृढ़ निश्चय दिखाया वह मैंने पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने अपने पसंदीदा फ्लिप शॉट भी खेले और अपना सिग्नेचर कवरड्राइव लगाया। पुनीत याद करते हैं कि इस बल्लेबाजी के दौरान विराट कोहली ने बहुत कम ही बातचीत की और जब भी बात की तो यही कहा- 'लंबा खेलना है आउट नहीं होना है।'

 तब शतकों से चूके, अब लगाने जा रहे हैं मैचों का सैंकड़ा-

तब शतकों से चूके, अब लगाने जा रहे हैं मैचों का सैंकड़ा-

पुनीत कहते हैं मुझे भी नहीं पता था कि विराट कोहली से अब क्या कहूं। कई बार मेरे दिल के अंदर यह भावना थी थी कि अपने हाथ को विराट कोहली के सिर के ऊपर रखूं और उनको आराम देने लायक कुछ शब्द कहूं लेकिन मेरे दिमाग में आता था कि अभी ऐसा कुछ कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे पास करने के लिए काफी काम बाकी है और उस पर फोकस करते हैं। पुनीत को लगता है कि विराट ने एक ऐसा फैसला किया जिस पर चर्चा हो सकती हैं और वे अपने शतक से चूक गए।

कोहली भले ही उस दिन शतक से चूक गए लेकिन बाद में उन्होंने भारत के लिए शतकों का अंबार लगा दिया। अब विराट श्रीलंका के खिलाफ 4 मार्च को अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने जा रहे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+