Vaibhav Sooryavanshi Record: वैभव का वो अजूबा जो पहले कभी नहीं हुआ! फाइनल में हुआ करिश्मा?
Vaibhav Sooryavanshi Record: श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपने बल्ले से ऐसा कोहराम मचाया है, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। श्रीलंका-ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में ओपनिंग करने उतरे इस बल्लेबाज ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की इस बेरहमी से धुनाई की कि मैच के शुरुआती ओवरों में भारत का 'प्रोजेक्टेड स्कोर' (अनुमानित कुल स्कोर) टीवी स्क्रीन पर अविश्वसनीय रूप से 950 रन फ्लैश होने लगा।
लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड (Vaibhav Sooryavanshi Record)
दांबुला की पिच पर कदम रखते ही वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई आक्रमण को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। वैभव ने मैदान के चारों कोनों में चौके-छक्कों की बरसात करते हुए मात्र 11 गेंदों में अपनी हाफ सेंचुरी (50 रन) पूरी कर ली। यह विश्व क्रिकेट में लिस्ट-ए (घरेलू वनडे) इतिहास की अब तक की सबसे तेज फिफ्टी है। वैभव के इस आक्रामक रुख के कारण इंडिया-ए ने शुरुआती 4 ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 76 रन बोर्ड पर टांग दिए थे, जिसमें से अकेले वैभव ने 12 गेंदों में 54 रन ठोक दिए थे। इसी विध्वंसक रन रेट को देखकर ब्रॉडकास्टर्स के ग्राफिक्स ने भारत का अनुमानित स्कोर 950 रन दिखाया था।

88 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए, स्लेजिंग का दिया करारा जवाब
वैभव सूर्यवंशी की यह आतिशी पारी केवल एक रिकॉर्ड नहीं थी, बल्कि इसमें उनके जुझारूपन और 'रिटैलिएशन' (जवाब देने की क्षमता) का फैक्ट भी छिपा था। दरअसल, इसी ट्राई-सीरीज के पिछले मैचों के दौरान श्रीलंकाई खिलाड़ियों और वैभव के बीच मैदान पर तीखी बहस (स्लेजिंग) हुई थी। क्रिकेट फैंस ने वैभव की इस पारी को उस बदतमीजी का बल्ले से दिया गया सबसे सटीक और कड़ा जवाब माना।
दुनिया भर में फैली बिहार के लाल की गूंज
हालांकि, वैभव अपने इस ऐतिहासिक शतक से महज 6 रन दूर रह गए और श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे की गेंद पर आउट हो गए। उन्होंने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की दिलकश पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। यानी उनके 94 रनों में से 88 रन सिर्फ चौकों और छक्कों के जरिए आए थे।
एक दिवसीय (50 ओवर) फॉर्मेट के मैच में 324.14 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करना किसी करिश्मे से कम नहीं है। भले ही यह युवा खिलाड़ी अपने शतक से चूक गया हो, लेकिन इस ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ पारी ने उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली और उभरते हुए युवा खिलाड़ियों की श्रेणी में सबसे आगे खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक, इस समय सिर्फ 15 साल के इस बिहारी लड़के के हौसले की गूंज है।















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