OI Exclusive: CJP के प्रदर्शन के बीच इंसानियत की मिसाल!, मुस्लिम युवक ने खिलाया खाना, गूंजा- 'यही है भारत'
CJP Jantar Mantar Protest: NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना आज दूसरे दिन रविवार, 21 जून को भी जारी रहा। शनिवार, को मिली ऑफिशियल परमिशन की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने के लिए कहा था।
इसके बावजूद CJP समर्थक और अभिजीत दीपके अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

इस प्रोटेस्ट के बीच आज जंतर-मंतर से कुछ ऐसी कहानियां और वीडियो सामने आए, जिसने इस प्रदर्शन की तरफ पूरे देश का ध्यान खींच लिया है।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: मुस्लिम युवक ने अपनी कमाई से बांटा मुफ्त खाना और पानी
कड़ी धूप और इस आंदोलन के बीच जंतर-मंतर पर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। दिल्ली के ही एक स्थानीय मुस्लिम निवासी ने अपनी खुद की मेहनत की कमाई से आंदोलनकारी छात्रों के लिए मुफ्त भोजन और पीने के पानी का इंतजाम किया।
OneIndia से खास बातचीत के दौरान इस युवक ने कहा-"अगर हम अपनी ही सरकार से सवाल नहीं करेंगे और सत्ता में बैठे लोगों से जवाबदेही (Accountability) नहीं मांगेंगे, तो फिर कौन मांगेगा? यह किसी एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है. हमारी बस एक ही सामूहिक मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
जाति और धर्म से ऊपर उठकर की गई इस निस्वार्थ सेवा की वहां मौजूद सभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जमकर तारीफ की. छात्रों ने कहा कि यह भारत की अनेकता में एकता और साझा नागरिकता की संस्कृति का सबसे बड़ा उदाहरण है।
सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान: 27 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी
इस छात्र आंदोलन को शनिवार को उस समय और अधिक मजबूती मिली जब प्रसिद्ध पर्यावरण और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचे। इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए सोनम वांगचुक ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर तुरंत कोई कड़ा फैसला नहीं लिया गया और शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे 27 जून 2026 से देशव्यापी भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उनके इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच इस आंदोलन की गूंज और तेज हो गई है।
वायरल हुआ अभिजीत दीपके का 'झालमुड़ी' वाला तंज
रात भर जंतर मंतर की सड़कों पर सोने के बाद रविवार सुबह जंतर-मंतर पर एक हल्का-फुल्का और मजाकिया पल भी देखने को मिला। दरअसल, धरने पर बैठे अभिजीत दीपके के लिए एक समर्थक कहीं से 'झालमुड़ी' खरीदकर ले आया।
झालमुड़ी खाते हुए दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा-"चलो झालमुड़ी खा लेते हैं, इससे हमें मोदी जी जैसी एनर्जी (ऊर्जा) मिलेगी।" CJP द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया और समर्थक इसे तेजी से शेयर कर रहे हैं।
बिना अनुमति भी डटे रहने का संकल्प: 'प्रोटेस्ट हमारा लोकतांत्रिक अधिकार'
प्रशासन द्वारा धरना स्थल खाली करने के दबाव पर बोलते हुए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने मीडिया से कहा-"हम यहीं बैठेंगे। अगर प्रशासन को जंतर-मंतर से दिक्कत है, तो हमें दिल्ली में कोई दूसरी जगह दे दी जाए। लेकिन प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है और हम पीछे नहीं हटेंगे।"
प्रदर्शनकारी छात्र कल रात से ही जमीन पर बैठकर रात बिता रहे हैं और लगातार "गो प्रधान गो" (Go Pradhan Go) और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लगा रहे हैं। छात्रों का तर्क है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी ने देश के करोड़ों युवाओं और नौकरी के उम्मीदवारों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है, इसलिए पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना अब बेहद जरूरी हो चुका है।














Click it and Unblock the Notifications