Revati Sule Caste: शरद पवार की नातिन को कैसे दिल दे बैठा BJP नेता का बेटा? इंटरकास्ट मैरिज के पीछे क्या कहानी?
Revati Sule Caste: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कई दशकों से एक नाम लगातार प्रभावशाली रहा है-'शरद पवार' (85 वर्ष)। लेकिन जून 2026 में चर्चा किसी चुनाव, गठबंधन या राजनीतिक बयान की नहीं, बल्कि उनकी नातिन रेवती सुले की शादी की रही। 20 जून को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुए इस भव्य विवाह समारोह ने केवल दो परिवारों को नहीं जोड़ा, बल्कि राजनीति, कारोबार और बदलते सामाजिक समीकरणों की भी एक नई तस्वीर पेश की।
लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले और उद्योगपति सदानंद सुले की बेटी रेवती सुले ने नागपुर के कारोबारी व बीजेपी नेता के बेटे सारंग लखानी के साथ सात फेरे लिए। समारोह में राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक की बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। लेकिन शादी की चमक-दमक के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि क्या यह भी सुप्रिया सुले और सदानंद सुले की तरह एक प्रेम कहानी है, या फिर यह पारिवारिक सहमति से तय हुई इंटरकास्ट शादी है? आइए विस्तार से जानते हैं...

पहले समझते हैं कि कौन हैं दूल्हा सारंग लखानी...
Who Is Sarang Lakhani: कौन है सारंग लखानी और क्या कास्ट?
शादी के बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वह था सारंग लखानी। सारंग नागपुर के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से आते हैं। उनके पिता बीजेपी नेता अरुण लखानी उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय माने जाते हैं। लखानी परिवार का संबंध सिंधी समुदाय से बताया जाता है।
सारंग ने नागपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका गए और कोलंबिया बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। वर्तमान में वह विश्वराज ग्रुप में कार्यकारी निदेशक के रूप में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिका स्थित मॉडर्न हाइड्रोजन में बिजनेस डेवलपमेंट कंसल्टेंट के रूप में भी कार्य किया। कॉरपोरेट दुनिया के अलावा उनकी रुचि खेलों में भी है। सारंग बैडमिंटन के अच्छे खिलाड़ी बताए जाते हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं।

Who Is Revati Sule: कौन हैं रेवती सुले?
रेवती सुले महाराष्ट्र की प्रमुख नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई ब्रिटेन के प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पूरी की है। हालांकि, रेवती हमेशा राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखती रही हैं, लेकिन बारामती लोकसभा चुनाव के दौरान वह पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी मां के चुनाव प्रचार में दिखाई दी थीं। उस दौरान उनकी सादगी और शांत स्वभाव की भी चर्चा हुई थी।
सुप्रिया और सदानंद सुले के दो बच्चे हैं, रेवती और विजय। परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रहा है, लेकिन बच्चों को अपेक्षाकृत निजी जीवन देने की कोशिश की गई।
Revati Sule Sarang Lakhani Marriage Story: क्या रेवती सुले और सारंग लखानी की लव मैरिज हुई है?

अब तक सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि रेवती सुले और सारंग लखानी की शादी पूरी तरह 'Love Marriage' है या 'अरेंज मैरिज'। हालांकि कई मराठी मीडिया रिपोर्ट्स में इसे पारिवारिक सहमति से तय हुआ रिश्ता बताया गया है। कुछ रिपोर्टों में इसे स्पष्ट तौर पर अरेंज मैरिज कहा गया है।
मराठी मीडिया की कुछ रिपोर्टों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मध्यस्थता से यह रिश्ता तय होने की चर्चा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि दोनों परिवारों की ओर से नहीं की गई है। महाराष्ट्र टाइम्स की एक रिपोर्ट में रेवती और सारंग के विवाह को 'अरेंज मैरिज' बताया गया है।
Revati Sule Sarang Lakhani Inter-Caste Marriage Reason: इंटर कास्ट मैरिज ही क्यों?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेवती सुले मराठा परिवार से आती हैं, जबकि सारंग लखानी सिंधी कारोबारी परिवार से संबंध रखते हैं। इस लिहाज से यह विवाह अलग सामाजिक पृष्ठभूमियों वाले दो परिवारों का मिलन माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेवती की सारंग से शादी के पीछे की असली वजह दोनों के पिता की दोस्ती मानी जा रही है।
अब एक नजर सुप्रिया और सदानंद की लव स्टोरी पर...
Supriya Sule Sadanand Sule Love Story: जब मां ने भी चुना था दिल का रास्ता
रेवती की शादी की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हुई क्योंकि उनकी मां सुप्रिया सुले की अपनी प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। सुप्रिया ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद वह पुणे में अपने चाचा के साथ रहने लगीं और एक अखबार में काम करने लगीं। इसी दौरान एक मित्र की पार्टी में उनकी मुलाकात सदानंद सुले से हुई।
कहा जाता है कि पहली मुलाकात में ही सदानंद को सुप्रिया पसंद आ गई थीं। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और यह रिश्ता प्यार में बदल गया। परिवारों को जब इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने भी इसे स्वीकार कर लिया। दोनों ने 4 मार्च 1991 को विवाह किया।
Sharad Pawar की बेटी की सादगी भरी शादी
उस समय तक शरद पवार (85) महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा नाम बन चुके थे। इसके बावजूद सुप्रिया और सदानंद की शादी बेहद सादगी से हुई। खुद सुप्रिया सुले कई बार कह चुकी हैं कि उनकी शादी में अनावश्यक दिखावा नहीं किया गया था। उन्होंने एक कार्यक्रम में बताया था कि उनके पिता हमेशा सादगी और सम्मान में विश्वास रखते थे। यही कारण था कि परिवार ने समारोह को सीमित रखा। यह बात दिलचस्प है कि जहां सुप्रिया की शादी सादगी का उदाहरण बनी, वहीं रेवती की शादी आधुनिक भारत की हाई-प्रोफाइल सामाजिक और राजनीतिक संस्कृति का प्रतीक दिखाई दी।
शादी के बाद अमेरिका और फिर राजनीति
शादी के बाद सुप्रिया और सदानंद कुछ समय अमेरिका में रहे। सुप्रिया ने पर्यावरण और जल प्रदूषण से जुड़े विषयों पर अध्ययन किया। दूसरी ओर सदानंद ने विदेशों में पेशेवर जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद दोनों भारत लौटे और सुप्रिया सक्रिय राजनीति में आ गईं। आज वह महाराष्ट्र की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं।
नई पीढ़ी की नई कहानी
रेवती और सारंग की शादी कई मायनों में नई पीढ़ी की कहानी लगती है। दोनों उच्च शिक्षित हैं। दोनों ने वैश्विक संस्थानों में पढ़ाई की। दोनों पेशेवर जीवन में स्थापित हैं। दोनों अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। यही वजह है कि इस विवाह को केवल राजनीतिक परिवार की शादी के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे बदलते भारत के सामाजिक परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है।
रेवती सुले और सारंग लखानी की शादी के पीछे प्रेम था या परिवार की पहल, इसका स्पष्ट जवाब फिलहाल उपलब्ध नहीं है। लेकिन इतना तय है कि यह रिश्ता पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर आधुनिक भारत की नई सामाजिक सोच को दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह भी है कि जिस परिवार में एक पीढ़ी पहले सुप्रिया सुले ने प्रेम और सादगी का रास्ता चुना था, उसी परिवार की अगली पीढ़ी आज सामाजिक सीमाओं से परे जाकर एक नए रिश्ते की शुरुआत कर रही है। राजनीति के शोर के बीच यह कहानी शायद यही बताती है कि आखिरकार रिश्ते विचारधाराओं से नहीं, भरोसे और सहमति से बनते हैं।













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