Usman Khawaja Retirement: 'मैं मुस्लिम हूं, मेरी पहचान पर उठे सवाल', संन्यास का ऐलान कर इमोशनल हुए ख्वाजा
Usman Khawaja Retirement: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला पांचवां एशेज टेस्ट उनके शानदार 15 साल के करियर का आखिरी मुकाबला होगा। 39 वर्षीय ख्वाजा ने भावुक होते हुए कहा कि वह अपनी शर्तों और सम्मान के साथ खेल को अलविदा कह रहे हैं।
पाकिस्तान में हुआ था ख्वाजा का जन्म (Usman Khawaja Retirement)
उस्मान ख्वाजा का सफर केवल रनों और शतकों तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जन्मे ख्वाजा बचपन में ऑस्ट्रेलिया आकर बस गए थे। वह ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम और पहले पाकिस्तान मूल के क्रिकेटर बने। एक समय वह ऑस्ट्रेलिया में इकलौते एशियाई मूल के फर्स्ट-क्लास खिलाड़ी थे।

दमदार रहा टेस्ट करियर
अपने विदाई संदेश में ख्वाजा ने कहा कि मैं पाकिस्तान से आया एक मुस्लिम लड़का हूं, जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाएगा। आज मुझे देखें, आप भी यह कर सकते हैं। ख्वाजा ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके करियर में उन्होंने कुल 88 टेस्ट मैच खेलने का काम किया। इस दौरान उनके बल्ले से 6206 रन निकले।
ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की हरकत पर जताया ऐतराज
संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों द्वारा की गई आलोचना पर कड़ा ऐतराज जताया। पर्थ टेस्ट के दौरान पीठ की चोट के कारण बाहर होने पर उन पर स्वार्थी, आलसी और टीम के प्रति प्रतिबद्ध न होने के आरोप लगे थे। ख्वाजा ने इन आरोपों को 'नस्लीय रूढ़िवादिता' करार देते हुए कहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम में आज तक किसी और खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार होते नहीं देखा।
उन्होंने दुख जताया कि इतने साल बाद भी पुरानी मानसिकता पूरी तरह नहीं बदली है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने ख्वाजा को एक स्टाइलिश बल्लेबाज बताया। खेल के अलावा ख्वाजा अपनी 'उस्मान ख्वाजा फाउंडेशन' के जरिए शरणार्थियों, प्रवासियों और स्वदेशी पृष्ठभूमि के युवाओं की मदद करते हैं। क्रिकेटर के अलावा वह एक शानदार पायलट भी हैं।












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