U19 वर्ल्ड कप का ये सितारा पूरी कर सकता है भारत की सीम बॉलिंग ऑलराउंडर की तलाश
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम को कई दशकों से एक बॉलिंग ऑलराउंडर की तलाश है। कपिल देव के बाद से कोई भी महान ऑलराउंडर भारतीय क्रिकेट टीम में नहीं आया है। लेकिन शनिवार की रात को भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में एक युवा ने जो प्रदर्शन करके दिखाया उसके बाद हम ये उम्मीद कर सकते हैं कि भारत की यह तलाश जल्द ही पूरी हो सकती है। ये खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि 19 साल के राज अंगद बावा है जिन्होंने अपनी सुपर ऑलराउंड परफॉर्मेंस से आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबको प्रभावित किया।

भारत की एक नई ऑलराउंड संभावना-
दाए हाथ के गेंदबाज और बाए हाथ के बल्लेबाज राज बावा के अंदर के अंदर एक महान ऑलराउंडर बनने की सभी संभावनाएं और क्षमताएं मौजूद हैं जो उनको निकट भविष्य में सीनियर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह दिला सकती है। भारत ने सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में इंग्लैंड को 4 विकेट से हराकर पांचवीं बार आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीता और इसमें बावा ने 31 रन देकर पांच विकेट लिए और फिर अहम 35 रन बनाए। बावा ने अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर समाप्त किया है। उनको फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच भी दिया गया। बावा ने प्रतियोगिता में ढाई सौ से ज्यादा रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने इस कैंपेन में 9 विकेट भी चटकाए।

राज बावा का जबरदस्त वर्ल्ड कप अभियान-
बावा ने ग्रुप स्टेज में युगांडा के खिलाफ 162 रनों की पारी खेली थी और उसके बाद भारतीय टीम की बल्लेबाजी लाइनअप इतनी अच्छी रही कि नॉकआउट स्टेज में बावा की बल्लेबाजी ही नहीं आई लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में बहुत बढ़िया 35 रन बनाकर अपनी टीम को एक आरामदायक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। बावा के पास भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने के लिए सभी काबिलियत मौजूद है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनके 9 विकेट भी क्वालिटी टीमों के खिलाफ आए हैं। सबको उम्मीद थी कि दक्षिण अफ्रीका में भारत को सबसे बड़ा चैलेंज देगा लेकिन यहीं पर बावा ने 47 रन देकर 4 विकेट हासिल करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

केवल कपिल देव ने किया है ऐसा कारनामा-
इससे पहले आईसीसी इवेंट में ऐसा केवल एक बार हुआ था जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने 150 से ऊपर रन बनाए हो और उसी प्रतियोगिता में 5 विकेट भी एक ही मैच में लिए हो। और ऐसा किसी और ने नहीं बल्कि भारत के महानतम आलराउंडर कपिल देव ने किया था।। बावा ने ग्रुप स्टेज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्ले से 13 रन बनाए थे फिर आयरलैंड के खिलाफ बाएं हाथ का यह बल्लेबाज 42 रन बनाने में कामयाब रहा। उस मैच में उन्होंने कसी हुई बोलिंग भी की थी हालांकि उनको विकेट नहीं मिला। ग्रुप स्टेज में भारत का तीसरा और अंतिम मुकाबला युगांडा के साथ था जहां बावा ने नाबाद 162 रन बनाए।

पिता मेरे कोच हैं
भले ही राज बावा क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ना रन बना सके और ना ही विकेट ले सके लेकिन उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ फाइनल के लिए बचा कर रखा था। उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस करने के लिए 31 रन देकर पांच विकेट लिए और अंग्रेज 44.5 ओवर में 189 रन बनाकर ढेर हो गए। बावा का कहना है कि क्रिकेट के गुर उन्होंने अपने पिता से सीखे हैं।
बावा ने आईसीसी से कहा, "मेरे पिता मेरे कोच हैं। मैंने क्रिकेट में जो कुछ भी सीखा है, वह उन पर निर्भर है। मेरे विकास में उनका एक बड़ा प्रभाव रहा है। मेरे पिता ने मुझे यह बहुत पहले कहा था, उन्होंने कहा था कि 'एक अच्छा इंसान होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैंने हमेशा इसे ध्यान में रखा है।"

माइकल वॉन ने कहा- भारत को वो ऑलराउंडर मिल गया
बावा ने बताया कि उनको युवराज सिंह अपने आदर्श लगते हैं और वे बचपन से उनकी तरह खेलने की कोशिश करते बड़े हुए हैं। बावा ने कहा कि उन्हें बल्लेबाजी करना पसंद है क्योंकि इसमें आप अकेले का मुकाबला 11 लोगों से होता है। उन्होंने कहा कि एक ऑलराउंडर के रूप में मैं किसी भी तरह से टीम की जीत में योगदान करना पसंद करता हूं, चाहे वह बल्लेबाजी हो , गेंदबाजी या फिल्डिंग। मुझे क्रिकेट खेलना पसंद है।
माइकल वॉन ने तो यह घोषित कर दिया है कि भारत को शायद वह सीम बॉलिंग ऑलराउंडर मिल गया है जिसके लिए सालों से तरस रहा है।












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