'भारत के खिलाफ बाबर आजम ने की दो गलतियां', मोहम्मद आमेर ने एक को बताया मैच का टर्निंग पॉइंट
पाकिस्तान क्रिकेट टीम कप्तान बाबर आजम ने अपनी कप्तानी में काफी तरक्की देखी है। पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में वे अंतिम चार में पहुंचे थे, एशिया कप 2022 में रनर-अप रहे और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके घर में ट्राई सीरीज जीती। लेकिन जब से वे एशिया कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ हारे हैं तो उनकी कप्तानी पर कुछ सवाल भी उठे हैं। पाकिस्तान को किसी भी हाल में श्रीलंका पर जीतने वाली टीम के तौर पर देखा जा रहा था क्योंकि लंका को किसी ने फाइनल में पहुंचने के भाव भी नहीं दिए थे लेकिन फाइनल आखिरकार श्रीलंका के नाम हुआ और बाबर आजम को आलोचना सहनी पड़ी।

दो ऐसी गलतियां बताई
ये आलोचना और भी तेज तब हो गई जब पाकिस्तान टीम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में वर्ल्ड कप सुपर 12 स्टेज का पहला मुकाबला कट्टर प्रतिद्वंदी भारत से हार गया। पहले पूर्व बल्ले सलीम मलिक ने आजम की कप्तानी में खोट निकाली और अब पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने बाबर आजम द्वारा की गई दो ऐसी गलतियां बताई हैं जिसमें से एक को उन्होंने मैच का टर्निंग पॉइंट भी बताया है।

पाकिस्तान के मैच जीतने के चांस वहीं पर 99 प्रतिशत हो जाते
आमेर ने कहा कि बाबर आजम को ये समझना चाहिए था कि शाहीन अफरीदी मैच के लिए लय में नहीं हैं। शाहीन को शुरुआत के दो ओवर कराने के बाद बीच में बॉलिंग देनी चाहिए थी। वे तब विकेट निकालकर दे सकते थे। अगर ऐसा होता तो नवाज पर जो बीच के ओवर में छक्के पड़े वे भी ना पड़ते अगर शाहीन उन ओवरों को डाल रहे होते। इसके बजाए बाबर ने शाहीन को 18वां ओवर करा दिया और 17 रन इसमें आ गए। जबकि भारत को तीन ओवर में 48 रनों की दरकार थी लेकिन शाहीन के उस ओवर के बाद यह दो ओवर में 31 रन हो गई।
एक यू-ट्यूब चैनल पर बात करते हुए आमेर कहते हैं कि अगली गलती तो और भी भयंकर थी और यह मैच का टर्निंग पॉइंट था। 18वां ओवर हारिस राउफ को देना चाहिए था और वे जिस तरह की लय में थे वह कोहली या पांड्या का विकेट निकालकर देते और पाकिस्तान के मैच जीतने के चांस वहीं पर 99 प्रतिशत हो जाते।

मैच अंतिम गेंद पर खत्म हुआ
आमेर ने कहा, एक कप्तान के तौर पर आपको देखना होता है ऐसे हालातों में रन रोकने वाला बॉलर कौन होगा। पांच ओवर में 60 रन चाहिए थे। हारिस ने 4-5 रन दिए, फिर नसीम शाह ने 7 दिए। तीन ओवर में 48 रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। अगर उस हारिस को बॉलिंग दी जाती तो वह 18वें ओवर में हार्दिक या कोहली का विकेट निकालकर दे सकते थे और पाकिस्तान 99 प्रतिशत मैच वहीं पर जीत जाता।
बता दें कोहली ने उस मैच में करियर को फिर से जिंदा करने वाली 53 गेंदों पर 82 रनों की पारी खेली और मैच अंतिम गेंद पर खत्म हुआ।












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