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'IPL में फिट, लेकिन देश की बात आते ही खिलाड़ियों का बढ़ जाता है वर्कलोड', फूटा गावस्कर का गुस्सा

भारतीय टीम की हार पर चर्चाओं का माहौल गर्म है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर भारतीय टीम के प्रदर्शन पर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
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Sunil Gavaskar and Kirti Azad on indian team: भारतीय टीम की हार पर चर्चाओं का माहौल गर्म है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर भारतीय टीम के प्रदर्शन पर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। 1983 वर्ल्ड कप की विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने टीम को लेकर कहा कि हमें पहले से पता था कि हमारी गेंदबाजी कमजोर है। जब टीम ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो रही थी, तभी सब जानते थे कि हमारी गेंदबाजी यूनिट साधारण है। ऑस्ट्रेलियाई पिचों के लिए हमने गेंदबाजों का सही सिलेक्शन नहीं किया था।

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आईपीएल का स्तर इंटरनेशल जैसा नहीं है

आईपीएल का स्तर इंटरनेशल जैसा नहीं है

टीवी चैनल आज तक पर एक शो के दौरान महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि आईपीएल होने का मतलब वर्ल्ड कप जीत लेना नहीं होता है। आईपीएल का स्तर और इंटरनेशनल स्तर में काफी फर्क है। आईपीएल खेलने से एक्सपीरियंस जरूर मिलता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम वर्ल्ड कप जीत जाएंगे। हमारे खिलाड़ी देश के लिए खेलते वक्त वर्कलोड की बात करते हैं जबकि आईपीएल के लिए लगातार 18-18 मैच खेलते हैं।

वर्ल्ड कप में हार की ये थी सबसे बड़ी वजह

वर्ल्ड कप में हार की ये थी सबसे बड़ी वजह

सुनील गावस्कर ने बताया कि हमारी टीम को इस पूरे टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत नहीं मिली। ओपनर ने किसी भी मैच में एक अच्छा प्लेटफॉर्म नहीं दिया। जिससे टीम के बाकी बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया। टीम के असफल होने के पीछे स्टाफ के अधिक होना भी एक वजह है। गावस्कर ने कहा कि मुझे हैरानी होती है कि सपोर्ट स्टाफ टीम के खिलाड़ियों से भी ज्यादा है।

खिलाड़ियों को कंफ्यूजन करते हैं सपोर्ट स्टाफ

खिलाड़ियों को कंफ्यूजन करते हैं सपोर्ट स्टाफ

गावस्कर ने बताया कि क्या हमें सच में इतने लोगों की जरूरत है। मुझे पता है कि बीसीसीआई के पास बहुत सारे पैसे हैं। वह 50-100 लोग भी भेज सकते हैं। लेकिन क्या इन लोगों से टीम को फायदा होगा। जब आपके पास राहुल द्रविड़ जैसा कोच है तो फिर विक्रम राठोड़ का टीम में क्या काम है। इससे खिलाड़ियों के बीच सिर्फ कंफ्यूजन पैदा होगा। बीसीसीआई को इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए।

आईपीएल खेलते समय नहीं होती खिलाड़ियों को परेशानी

आईपीएल खेलते समय नहीं होती खिलाड़ियों को परेशानी

आप आईपीएल पूरा सीजन खेलते हैं, वहां भी ट्रेवलिंग करते हैं। वहां पर खिलाड़ियों को थकान नहीं होती, वहां खिलाड़ियों का वर्कलोड नहीं बढ़ता। लेकिन जब देश के लिए खेलना होता है या फिर किसी छोटी टीम के खिलाफ खेलना होता है तो खिलाड़ियों का वर्कलोड और फिटनेस खराब हो जाती है। ऐसा नहीं हो सकता, मुझे लगता है कि बीसीसीआई को खिलाड़ियों के साथ ज्यादा लाड नहीं रखना चाहिए। खिलाड़ियों के नहीं खेलने पर उनका फीस नहीं दिया जाना चाहिए। खिलाड़ियों के प्रति थोड़ा सख्त रुख अपनाने की जरूरत है।

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English summary
Sunil Gavaskar and Kirti Azad gets angry with the senior players for approach world cup
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