'खत्म हो चुका है रहाणे-पुजारा का इंटरनेशनल करियर', गावस्कर ने बताया क्यों मुश्किल है भारतीय टीम में वापसी
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच 4 मार्च से खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिये टीम का ऐलान करने के बाद से ही लगातार विवाद जारी है। चयनकर्ताओं ने इस सीरीज के लिये भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, इशांत शर्मा और ऋद्धिमान साहा को टीम से बाहर का रास्ता दिखाया है। चयनकर्ताओं ने इन खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी 2021-22 में अपने राज्य की टीमों का हिस्सा बनकर रन बनाने और विकेट हासिल कर वापसी करने की सलाह दी है। चयनकर्ताओं ने भले ही दावा किया है कि इन सीनियर खिलाड़ियों के लिये भारतीय टीम के दरवाजे खुले हैं, पर सच्चाई यह है कि समिति अब भविष्य को देखते हुए युवा खिलाड़ियों को मौका देने की ओर देख रही है।

इस मामले पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने ज्यादा हैरानी नहीं जताई है और कहा है कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे सीनियर खिलाड़ियों का टीम से बाहर जाना लगभग तय था। अगर साउथ अफ्रीका दौरे पर इन खिलाड़ियों ने रन बनाये होते तो शायद कहानी दूसरी होती लेकिन रहाणे-पुजारा का अंतर्राष्ट्रीय करियर समाप्त मान लेना चाहिये। उल्लेखनीय है कि जहां पर रहाणे और पुजारा रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आ रहे हैं, तो वहीं पर ऋद्धिमान साहा और इशांत शर्मा टूर्नामेंट से ब्रेक ले रहे हैं।
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अगर साउथ अफ्रीका में लगाते शतक तो बदल सकती थी कहानी
सुनील गावस्कर ने आगे बात करते हुए समझाया है कि अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा का अंतर्राष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया है और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी वापसी लगभग नामुमकिन है। पिछले दो सालों में इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन में काफी गिरावट देखने को मिली है, जहां पर पुजारा के बल्ले से 2019 के बाद कोई शतक नहीं आया है, तो वहीं पर रहाणे ने पिछले साल 3 अर्धशतक की मदद से 20 की औसत से रन बनाये हैं।
गावस्कर का मानना है कि अगर साउथ अफ्रीका दौरे पर दोनों में से किसी एक बल्लेबाज ने शतक लगाया होता तो चीजें थोड़ी बदल सकती थी, इसके चलते वो कुछ और समय तक खेल सकते थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और उनके रन बनाने में नाकाम रहने का सिलसिला जारी रहा। गावस्कर का मानना है कि रहाणे और पुजारा तभी टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं, जब वो रणजी ट्रॉफी में दोहरा शतक लगा सकें, हालांकि सच्चाई यही है कि उनकी उम्र को देखते हुए ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।

अगर रणजी में किया यह काम तो हो सकती है वापसी
इंडिया टुडे से बात करते हुए गावस्कर ने कहा,'यह होना तय था। अगर साउथ अफ्रीका में खेले गये 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में उनमें से किसी एक ने भी शतक जड़ दिया होता या फिर 80-90 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली होती तो चीजें अलग हो सकती थी। हां रहाणे ने एक अच्छी पारी खेली थी, लेकिन उसके अलावा उनके खाते में ज्यादा रन नहीं आये, जिसकी वजह से यह होना लाजमी था। क्या वो लौट सकते हैं, क्यों नहीं, अगर वो रणजी ट्रॉफी के मैचों में अच्छी फॉर्म दिखाते हुए एक पारी में 200-250 रन बनाते हैं तो जरूर वापसी कर सकते हैं, लेकिन इस सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड को सिर्फ एक टेस्ट मैच खेलने के लिये इंग्लैंड जाना है और फिर टेस्ट मैच की वापसी टी20 विश्वकप के बाद नवंबर दिसंबर में ही होगी।'

मौके पर चौका लगा सकते हैं युवा खिलाड़ी
गावस्कर ने आगे बात करते हुए कहा कि इस दौरान युवा खिलाड़ी मौकों को भुना कर अपनी जगह पक्की कर सकते हैं, जिसे देखते हुए इन खिलाड़ियों की वापसी काफी मुश्किल नजर आती है। रहाणे ने रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए सौराष्ट्र के खिलाफ शतक लगाया है तो वहीं पर पुजारा ने भी 91 रनों की पारी खेलकर वापसी की उम्मीद जताई है, हालांकि पूर्व कप्तान के अनुसार यह पारी उनकी वापसी के लिये काफी नहीं है।
उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि समय उनके साथ नहीं है, क्योंकि यह दोनों खिलाड़ी अपनी उम्र के चौथे दशक में चल रहे हैं। अगर युवाओं को इन दो खिलाड़ियों की जगह मौका दिया जाता है, तो वो इस मौके को भुनाकर अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। ऐसे में बढ़ती उम्र और युवाओं की दावेदारी को देखते हुए उनका वापसी कर पाना नामुमकिन नजर आता है।'












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