World Cup: गांगुली-द्रविड़ ने मिलकर श्रीलंका को धोया था, वनडे क्रिकेट में हुई थी रिकॉर्ड साझेदारी
World Cup 2023: भारतीय टीम ने वनडे वर्ल्ड कप में दो बार खिताबी जीत हासिल की है। भारत को साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में जीत दर्ज करने का मौका मिला। इसके अलावा 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को खिताबी जीत मिली थी। इस बार भी भारत में वर्ल्ड कप होने जा रहा है।
इस लेख में उस वर्ल्ड कप की बात की गई है जिसमें सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के बाद एक रिकॉर्ड साझेदारी देखने को मिली थी। द्रविड़ और गांगुली के बीच साल 1999 के वर्ल्ड कप में एक बड़ी भागीदारी हुई थी, इसे आज भी यादगार माना जाता है।

साल 1999 के वर्ल्ड कप में अन्य बल्लेबाजों को शतक बनाने में मुश्किल हो रही थी, वहीँ भारत के लिए सचिन, गांगुली और द्रविड़ के बल्ले से रन आए। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में गांगुली और द्रविड़ के बल्ले से आग उगली और एक रिकॉर्ड भागीदारी कर डाली।
द्रविड़ और गांगुली ने 318 रनों की भागीदारी की थी और वनडे क्रिकेट में पहली बार ट्रिपल हंड्रेड की भागीदारी हुई थी। यह एक रिकॉर्ड था। इससे पहले द्रविड़ और तेंदुलकर ने पिछले मैच में 237 रनों की भागीदारी की थी, यह भी एक कीर्तिमान था लेकिन गांगुली-द्रविड़ ने इसे तोड़ दिया।
द्रविड़ ने लगातार दूसरी बार इस वर्ल्ड कप में शतकीय पारी खेली थी। उनके बल्ले से केन्या के खिलाफ 104 रन आए और श्रीलंका के खिलाफ 145 रनों की पारी देखने को मिली। दादा ने भी धमाका किया और 183 रनों की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का उच्चतम स्कोर था। दादा ने कपिल देव (175) को पीछे छोड़ दिया।
गांगुली और द्रविड़ के बल्ले से निकले चौके-छक्के आज भी फैन्स के दिलों में ताजा हैं। उस वर्ल्ड कप में सचिन, गांगुली और द्रविड़ ने मिलकर गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। भारत के लिए वर्ल्ड कप के बेस्ट लम्हों में द्रविड़ और गांगुली की भागीदारी जरुर शामिल होती है।












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