'बिना सिर के मुर्गे जैसा,' शोएब अख्तर ने मोहसिन नकवी को लपेटा, लाइव टीवी पर किया बेइज्जत
Shoaib Akhtar: पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी शोएब अख्तर को अक्सर टीवी आकर अपनी टीम के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए देखा गया है। उनकी तरफ से टीम की आलोचना भी की जाती है, इसके अलावा मैनेजमेंट को भी वह नहीं छोड़ते हैं। इस बार शोएब ने पीसीबी हेड मोहसिन नकवी को आड़े हाथों लिया है।
शोएब से जब एक टीवी चैनल पर सवाल किया गया कि प्लेयर्स में पहले जैसी चमक क्यों नहीं है? तो उनका जवाब आया कि कप्तान सलमान अली खुद प्रेरणादायक नहीं हैं, तो टीम के खिलाड़ियों में जज्बा कहां से आएगा। कप्तान खुद ही टीम में आने का हकदार नहीं है, तो दूसरे प्लेयर्स को इससे प्रेरणा कैसे मिलेगी।

शोएब अख्तर का धांसू बयान
मोहसिन नकवी की अगुवाई वाले मैनेजमेंट को लेकर भी शोएब ने जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि यह बिना दिशा का मैनेजमेंट है। पाकिस्तान का मैनेजमेंट बिना सिर के मुर्गे की तरह है। टीम कॉम्बिनेशन ठीक नहीं था और कप्तानी में भी कोई धार वाली बात नहीं थी। हम जैसे लोग बोल रहे हैं, तो वे हमारी बातें सुनने को तैयार नहीं हैं। मुझे नहीं लगता कि मिडिल ऑर्डर में कप्तान की जगह होनी चाहिए।
अख्तर से जब तेज गेंदबाजी में गिरावट का सवाल किया गया तो उनका कहना था कि हम एक जमाने में तूफानी गेंदबाजी का आनन्द लेते थे और खास टैलेंट पसंद आता था। अब तेज गेंदबाजो के रूप में डरपोक और औसत दर्जे के खिलाड़ी ही अच्छे लगने लगे हैं।
मोहसिन नकवी को अख्तर ने क्या सलाह दी
अख्तर ने उन पॉइंट्स का जिक्र भी किया, जो उन्होंने पीसीबी हेड को एक प्रस्ताव के रूप में सौंपे हैं। उनका कहना था कि मोहसिन नक़वी शायद समझदार इंसान हैं, लेकिन कुछ लोगों से सलाह लेते हैं, उनकी सलाह पर कैसी टीम बनाई गई है। भारत ने रणजी ट्रॉफी में निवेश किया है, वहाँ के प्लेयर्स हर रोज एक लाख रुपये तक कमाते हैं और लगातार अपने खेल को निखारते हैं।
रावलपिंडी एक्सप्रेस ने यह भी कहा कि हमने डिविजनल और डिपार्टमेंटल क्रिकेट को ही खत्म कर दिया, जबकि वहीं से सिस्टम को मजबूती और खिलाड़ियों को स्थिरता मिलती थी। अब अगर सब कुछ अपने हाथ में लेकर ये सोच बना ली जाए कि "सारा कंट्रोल सिर्फ मेरा होगा, किसी के साथ सत्ता नहीं बांटनी," तो फिर नया टैलेंट उभरकर कैसे आएगा?












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