Asia Cup: टी-20 के सिकंदर हैं रोहित शर्मा, दुनिया का कोई कप्तान नहीं टिकता उनके सामने
रोहित शर्मा दुनिया में टी-20 इंटरनेशनल के सबसे कामयाब कप्तान हैं।
स्पोर्ट्स डेस्क, 28 अगस्त: रोहित शर्मा दुनिया में टी-20 इंटरनेशनल के सबसे कामयाब कप्तान हैं। उन्होंने 35 टी-20 इंटरनेशनल में भारत की कप्तानी की है जिसमें 29 जीते हैं। सिर्फ 6 में हार मिली है। यानी रोहित ने अपनी कप्तानी में 82.85 फीसदी की दर से जीत हासिल की है। जहां तक नियमित कप्तान की बात है तो दुनिया का कोई भी कप्तान (टी-20 इंटरनेशनल) उनके सामने नहीं टिकता। कार्यवाहक कप्तान के रूप में न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर ने जरूर 10 में से 8 टी-20 इंटनेशनल मैच जीते हैं। उनकी सफलता की दर है 88.88 फीसदी। लेकिन उन्होंने ये जीत अलग-अलग समय पर अस्थायी कप्तान के रूप में अर्जित की है।

बाबर भी रोहित से पीछे
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम को भी बड़ा खिलाड़ी बताया जाता है। लेकिन वे रोहित से बहुत पीछे हैं। बाबर ने 41 टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान की कप्तानी की है। इसमें से उन्हें 26 में जीत, 10 में हार मिली है। 5 मुकाबलों में कोई फैसला नहीं हो सका। बाबर आजम की जीत का प्रतिशत 72.22 है। इस मामले में आस्ट्रेलिया के कप्तान एरोन फिंच और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन तो रोहित और भी पीछे हैं। यानी रोहित जी-20 के सिकंदर हैं। एशिया कप 2022 में भी उनकी कप्तानी की जादू चलेगा।

रोहित का मजबूत पक्ष, कमजोर पक्ष
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत लगातार टी-20 मुकाबले जीत तो रहा है लेकिन एक चिंता भी है। वे पिछले 10 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा पाए हैं। उन्होंने पिछली दस पारियों में 44,1, 5, 24, 31,11, 64, 0, 11 नाबाद और 33 रन बनाये हैं। वे तेज पारी तो खेल रहे हैं, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे हैं। दरअसल भारत की नयी रणनीति का रोहित की बल्लेबाजी पर असर पड़ा है। अब भारत ने फैसला किया है कि पहले पावर प्ले के छह ओवरों में तेजी से रन बनाना है। इसके लिए जरूरी है कि पहले ओवर से ही आक्रमण किया जाए। विकेट गिरे तो गिरे, बड़े शॉट्स लगाने हैं।
रोहित तेजी से हमला बोलते हैं और इस कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठते हैं। सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि जब रोहित टीम को एक तेज शुरुआत दे देते हैं तो बाकि बल्लेबाज इस नींव पर एक मजबूत इमारत खड़ी करते हैं। रोहित की कप्तानी का सबसे मजबूत पक्ष है, गेंदबाजों का चतुराई से इस्तेमाल। अपनी इसी खूबी के कारण वे कई बार छोटे स्कोर की भी रक्षा कर लेते हैं। इसलिए रोहित की जीत का प्रतिशत दुनिया के अन्य कप्तानों से बहुत बेहतर है।

रोहित की कप्तानी से उम्मीद
भारत की पहली प्राथमिकता एशिया कप में बेहतर प्रदर्शन की है। पाकिस्तान के खिलाफ अहम मैच है। रोहित शर्मा की कप्तानी से भारत को बहुत उम्मीद है। पिछले साल टी-20 विश्वकप में पाकिस्तान से मिली हार को भूला कर रोहित शर्मा आगे बढ़ चुके हैं। अगर 2021 में भारत की हार पर गौर करें तो पाते हैं कि 12वें ओवर के बाद पारी को संभालने वाला कोई नहीं था। 12.2 ओवर में ऋषभ पंत 84 के स्कोर पर आउट हुए थे। तब जरूरत थी एक आक्रामक पारी की। लेकिन हार्दिक पांड्या और रवीन्द्र जडेजा उस समय अपनी तय भूमिका नहीं निभा सके थे। इनके सस्ते में निबट जाने से भारत 20 ओवर में केवल 151 रन ही बना सका। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ये रन बहुत कम थे और भारत को हराना पड़ा। इसलिए टीम में नम्बर पांच, छह और सात की बल्लेबाजी बहुत अहम है। 2022 में भारतीय टीम का स्वरूप बदल गया है। केएल राहुल के आने के बाद विराट कोहली और सूर्य कुमार यादव मीडिल ऑर्डर को मजबूती देंगे। हार्दिक पांड्या नये अवतार में हैं। दिनेश कार्तिक का कायाकल्प हो चुका है और डेथ ओवरों में तेजी से रन बटोर रहे हैं। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत एक मजबूत टीम बन चुकी है।

“हम अपनी रणनीति पर अमल करेंगे”
भारत के पास जसप्रीत बुमराह नहीं तो पाकिस्तान के पास शाहिन आफरीदी नहीं हैं। दोनों टीमों के सबसे घातक तेज गेंदबाज नहीं खेल रहे। ऐसे में जिस गेंदबाज को मौका मिलेगा, उसे खुद को साबित करना होगा। बॉलिंग अटैक की स्थिति कमोबेश बराबर है। जैसा कि रोहित शर्मा ने कहा है, भारत अपनी तय रणनीति पर ही अमल करेगा। पहले की तरह ही हम कुछ नये प्रयोग करेंगे। इसका नतीजा चाहे जो हो, लेकिन हम नये प्रयोग से पीछे नहीं हटेंगे। यानी भारत एशिया कप में भी अपनी आक्रामक शैली जारी रखेगा। कुछ खिलाड़ियों को नयी भूमिका दी जा सकती है जो विपक्षी टीमों को चौंकाने वाली होगी। नये प्रयोगों के बीच रोहित शर्मा की कप्तानी शानदार रही है। उम्मीद है कि रोहित एशिया कप में भी अपनी जीत की लय बरकरार रखेंगे।












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