हर्षल पटेल के साथ अपनी लड़ाई को लेकर रियान पराग ने तोड़ी चुप्पी, बताया वहां पर असल में क्या हुआ था
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन का फाइनल मैच राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया, जिसमें गुजरात टाइटंस की टीम ने 7 विकेट से जीत हासिल कर अपना पहला खिताब जीत लिया। राजस्थान रॉयल्स की टीम ने 14 साल बाद अपना दूसरा फाइनल मैच खेला लेकिन दूसरा खिताब जीतने में नाकाम रही। राजस्थान रॉयल्स के लिये जोस बटलर ने 4 शतकीय पारियां खेलकर सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया और ऑरेन्ज कैप जीत लिया, वहीं पर टीम के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने सबसे ज्यादा विकेट हासिल कर पर्पल कैप अपने नाम किया।

राजस्थान रॉयल्स की टीम ने साल 2008 में अपना पहला खिताब जीता था लेकिन इसके बाद से वो फाइनल तक पहुंच पाने में भी नाकाम रहे, हालांकि इस बार उसके टीम के खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर खास योगदान देकर अपनी टीम को दोबारा फाइनल तक पहुंचाया। इन युवा खिलाड़ियों में एक नाम युवा हरफनमौला खिलाड़ी रियान पराग का भी रहा।
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लड़ाई के मुद्दे पर हर्षल पटेल ने तोड़ी चुप्पी
असम के इस हरफनमौला खिलाड़ी को बल्लेबाजी में ज्यादा मौके जरूर नहीं मिले लेकिन फील्डिंग के दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और 17 मैचों में 17 कैच पकड़े। पराग ने 14 पारियों में एक अर्धशतकीय पारी के दम पर 183 रन बनाये और उनका यह अर्धशतक आरसीबी की टीम के खिलाफ आया। आरसीबी के खिलाफ इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम लड़खड़ा रही थी लेकिन इस बल्लेबाज ने 31 गेंदों में नाबाद 56 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को 144 के स्कोर तक पहुंचाया। इस पारी के आखिरी ओवर के दौरान कुछ झड़प भी देखने को मिली जिसमें हर्षल पटेल और रियान पराग के बीच जुबानी जंग देखने को मिली।
हर्षल ने पिछले साल मेरे साथ ये किया था
इस मुद्दे पर रियान पराग ने अब जाकर चुप्पी तोड़ी और कहा,'पिछले साल जब हम आरसीबी के खिलाफ खेल रहे थे तो हर्षल ने मुझे आउट किया था और जब मैं वापस जा रहा था तो उसने मुझे जाने का इशारा किया था, मैंने तब वो नहीं देखा था लेकिन जब मैं वापस लौटा तो मैंने होटल में रिप्ले के दौरान देखा जो कि मेरे दिमाग में बैठ गया। इस बार जब मैंने हर्षल को आखिरी ओवर में शॉट मारा तो मैंने भी वहीं इशारा किया। मैंने कुछ नहीं कहा कोई गाली नहीं दी लेकिन तब सिराज ने मुझे बुलाया और हर्षल ने मुझसे कुछ नहीं कहा।'
हर्षल का रवैया था बचकाना
पराग ने आगे बात करते हुए कहा कि पारी का अंत होने के बाद सिराज ने मुझे बुलाया और कहा कि यहां पर आओ, तुम अभी एक बच्चे हो और एक बच्चे की तरह की व्यव्हार किया करो। भैया, मैं तुमसे कुछ नहीं कह रहा लेकिन फिर दोनों टीमों के खिलाड़ी वहां पर पहुंचे और मामला वहां पर खत्म हुआ। बाद में हर्षल ने मुझसे हाथ नहीं मिलाया जो मुझे थोड़ा बचकाना लगा।












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