Rinku Singh के पिता का शव ले जा रही गाड़ी को अचानक किसने रोका? फिर हुआ जमकर तमाशा! सामने आया VIDEO
Rinku Singh Father Passed Away: भारतीय क्रिकेट टीम के फिनिशर रिंकू सिंह के पिता खाचंद सिंह का शुक्रवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां बीते कुछ दिनों से वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। इस खबर के सामने आने के बाद से ही फैंस लगातार शोक जता रहे हैं।
अंतिम समय में पिता के साथ रहे रिंकू (Rinku Singh Father Passed Away)
टी-20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे रिंकू सिंह अपने पिता की बिगड़ती सेहत के कारण टूर्नामेंट के बीच में ही स्वदेश लौट आए थे। अपने पिता की देखभाल और उनके साथ समय बिताने के बाद वे 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से ठीक पहले टीम के साथ फिर से जुड़े थे। हालांकि वे उस मैच की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन्हें मैदान पर टीम का उत्साह बढ़ाते देखा गया था।

शव वाहन को अचानक क्यों रोका गया?
पिता के निधन की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह वापस घर पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की। इस दुखद घड़ी में एक ओर जहां खेल जगत और फैंस शोक व्यक्त कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मीडिया के एक वर्ग के व्यवहार ने विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ रिपोर्टर्स ने खानचंद सिंह के पार्थिव शरीर को ले जा रहे शव वाहन को अचानक रोक लिया।
वीडियो देख फैंस का फूटा गुस्सा
इसके बाद कुछ रिपोर्टर शव वाहन को रोककर ड्राइवर का इंटरव्यू लेते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना पर फैंस ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में परिवार की प्राइवेसी का सम्मान किया जाना चाहिए। कई वरिष्ठ पत्रकारों और फैंस ने सवाल उठाया है कि क्या टीआरपी की होड़ मानवीय संवेदनाओं से बड़ी हो गई है? सोशल मीडिया पर लोगों ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे रिंकू सिंह और उनके परिवार को शांतिपूर्ण तरीके से शोक मनाने का समय दें।
रिंकू सिंह की सफलता में रहा है पिता का हाथ
रिंकू सिंह की सफलता की कहानी उनके पिता के कड़े संघर्ष से जुड़ी है। कंचन सिंह अलीगढ़ में गैस सिलेंडर बांटने का काम करते थे। आर्थिक तंगहाली के बावजूद उन्होंने रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को कभी टूटने नहीं दिया। रिंकू अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के अटूट विश्वास और उनकी मेहनत को देते रहे हैं।
खबर AI इनपुट के साथ












Click it and Unblock the Notifications